Advertisement Carousel

ममता बनर्जी के भतीजे पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप

पश्चिम बंगाल / भाजपा ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे पर दागी रियल एस्टेट कारोबारी के साथ संबंधों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही ये साफ किया है कि ये मामला रॉबर्ट वाड्रा और तेजस्वी यादव की ही तरह का है। भाजपा ने ममता बनर्जी से मांग की है कि वे या तो मामले पर सफाई दें या फिर त्यागपत्र दें। ये मामला इसलिए भी गंभीर हैं क्योंकि तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं पर पहले से ही भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं।

एक टीवी चैनल को मिले कुछ कागजात बताते हैं कि अभिषेक की एक कंपनी में राज किशोर ने डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया। जिसमें कमीशन का हिस्सा अभिषेक तक भी पहुंचा। ये राज किशोर वही हैं जिस पर जमीन हथियाने और हत्या की कोशिश के भी गंभीर आरोप हैं। इनकी संपत्ति पिछले कुछ सालों में न सिर्फ आसमान छू गई है, बल्कि कहा तो ये भी जा रहा है कि अभिषेक के पास 100 करोड़ का बंगला भी है। हालांकि इसकी जांच अभी एजेंसियों को करना है। इतना ही नहीं टीवी चैनल ने ये भी आरोप लगाया है कि अभिषेक ने शेल कंपनियों के माध्यम से कालेधन का हेरफेर किया है।
बुधवार को इस मुद्दे को लेकर बीजेपी ने ज़ोरदार हमला बोला और मामले की पूरी जांच की मांग की। बीजेपी का ये भी आरोप है कि ये राजकिशोर वही हैं, जिनके ख़िलाफ़ 2009 में ममता ने आंदोलन करते हुए जेल भेजने की मांग की थी। हालांकि अब उनकी ही सरकार राजकिशोर के प्रोजेक्ट को मंज़ूरी दे रही है। इस पूरे मामले में ममता बनर्जी के लिए कई चीजें परेशानी का सबब बन सकती हैं।
अभिषेक की कंपनी के निदेशक, जिनमें अभिषेक की पत्नी भी शामिल हैं, मुख्यमंत्री बनर्जी के आधिकारिक निवास ’30 बी, हरिश चटर्जी रोड, कोलकाता’ में रहते हुए दिखाए गए हैं। अभिषेक 2014 में सांसद बने। इससे पहले तक वह ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री आवास में ही रह रहे थे। तृणमूल कांग्रेस ने इन काग़जातों पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। तो क्या अभिषेक पर लगे आरोपों के बाद अब ममता बनर्जी भी जांच के घेरे में आएंगी। क्योंकि इस मामले में भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस सांसद और सीपीएम ने भी मामले को गंभीर माना है।
हालांकि ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर ये कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि शारदा, नारदा, रोज वैली, राशन कार्ड जैसे घोटालों में राज्य सरकार के कई मंत्री तक घिरे तो कई सांसदों की पोल खुली, यहां तक कि कइयों को इस्तीफ़ा तक देना पड़ा। यही नहीं सांसद तापस पाल और सुदीप बंद्योपाध्याय तक को जेल जाना पड़ा। यानि ममता बनर्जी की पार्टी पर पहले से भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं।
ख़बर तो ये भी है कि इस मामले को सामने लाने वाले निजी टीवी चैनल के पत्रकार को कोलकाता पुलिस ने नोटिस भेजा। बीजेपी बंगाल के मसले को लगातार उठा रही है और उसने हाल ही में दिल्ली में सेव बंगाल मार्च भी निकाला था। तो क्या अब जांच की गाज ममता बनर्जी पर भी गिरेगी, क्या एक लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहतर नहीं होगा कि वो जनता को जवाब दें,

वरना जांच एजेंसियां तो अपना काम करेंगी ही।

error: Content is protected !!