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टोनही प्रताड़ित महिला को मिला ” सखी ” का सहारा

00 सभी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओ को मिल रहा न्याय
कोरिया / बैकुन्ठपुर- कोरिया कलेक्टर नरेन्द्र दुग्गा के मार्गदर्शन एवं महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी सीएस सिसोदिया के नेतृत्व में केन्द्र सरकार महत्वाकांक्षी योजना सखी वन स्टाॅप सेंटर का सफलता पूर्वक संचालन किया जा रहा है।

सखी वन स्टाप सेंटर में विगत दिनो ग्राम खांड़ा बैकुन्ठपुर की 35 वर्षीय महिला ने महिला हेल्प लाइन नंबर 181 में फोन कर शिकायत दर्ज कराई कि गांव की एक महिला द्वारा उसे टोनही कह कर प्रताड़ित किया जा रहा है। महिला हेल्प लाइन के माध्यम से कोरिया के सखी वन स्टाॅव सेंटर में दोनो पक्षो को बुला कर कौंसलिंग की गयी है। जहां प्रताड़ित करने वाली महिला को टोनही प्रताड़ना कानून की जानकारी दी गयी। जिसके बाद उक्त महिला ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए दुबारा ऐसा न करने का वचन दिया। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि वन स्टाॅप सेंटर में सीधे या फिर महिला हेल्प लाइन 181 के माध्यम से किसी भी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिला अपनी षिकायत दर्ज करा सकती है। कोरिया में पिछले 6 माह में ऐसे 79 जरूरतमंदो का वन स्टाॅप सेंटर ने राहत पहुंचाई है। 79 केसो में 47 प्रकरणो का निपटारा भी विभाग द्वारा किया जा चुका है। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी सीएस सिसोदिया ने बताया कि लिंग भेद आधारित हिंसा वैष्विक स्वास्थ्य, मानव अधिकार और विकास का मुद्दा रहा है जो विष्व के हर देश और समुदाय को प्रभावित करता है। महिलाओ के विरूद् हिंसा को समाप्त करने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 1993 में अंतर्राष्ट्रीय समझौता पत्र तैयार किया गया था। जिसे सेडाॅ कन्वेषन के नाम से जाना जाता हैै। भारत में महिलाओ के विरूद् हिंसा को समाप्त करने के व उनको हिंसा से संरक्षण प्रदान करने के लिए अनेक वैघानिक प्रावधान उपलब्ध है। इसके बाद भी घरेलू हिंसा, लैंगिग हिंसा, बलात्कार, दहेज के लिए उत्पीड़न, एसिड अटैक, डायन या टोनही के नाम पर प्रताड़ना, कार्य स्थल पर लैंगिग उत्पीड़न, अवैध मानव व्यापार, बाल विवाह, लिंग चयन व भ्रूण हत्या, सती प्रथा इत्यादि रूपो में हिंसा समाज में विद्यमान है। उपरोक्त स्थिति को देखते हुए महिलाओ को एकीकृत रूप से सहायता उपलब्ध कराने के लिए भारत शासन, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा राज्य सरकार की सहायता से प्रत्येक जिले में वन स्टाॅप सेंटर संचालित किया जा रहा है। वन स्टाॅप सेंटर में सभी वर्ग की महिलाओ जिसमें 18 वर्ष से कम उम्र की बालिकाएं भी सम्मलित है उनको सलाह, सहायता, मार्गदर्शन एवं संरक्षण प्रदान किया जाएगा। कोरिया जिले में निःसंदेह सखी वन स्टाॅप सेंटर अच्छा कार्य कर रहा है।

सेंटर का उद्देश्य
सखी वन स्टाॅप सेंटर का उद्देष्य घर के भीतर व घर के बाहर किसी भी रूप में पीड़ित व संकटग्रस्त महिला को एक ही छत के नीचे एकीकृत रूप से सभी प्रकार की सुविधा व सहायता उपलब्ध कराना है। किसी भी प्रकार से पीड़ित महिलाओ व बालिकाओ को आवष्यकतानुसार सभी प्रकार की आपातकालीन सुविधा तत्काल उपलब्ध कराना है। अन्य श्रेणी की जरूरतमंद महिलाओ को चिकित्सा, विधिक सहायता, मनौवैज्ञानिक सलाह, मनोचिकित्सा, परामर्ष सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराना है।

वन स्टाॅप सेंटर में उपलब्ध सेवाएं
वन सटाॅप सेंटर में हिंसा या संकटग्रस्त महिला के वर्तमान में उपलब्ध सुविधा के अलावा पुलिस आदि का उपयोग करते हुए निकटतम चिकित्सालय या आश्रय गृह में भेजवाने की व्यवस्था, चिकित्सकीय सहायता, एफआईअर की सुविधा, विधिक सहायता आपातकालीन स्थिति में पीड़िता का वन स्टाॅप सेंटर में अधिकतम 5 दिन तक रूकने व खाने की व्यवस्थाव कोर्ट व पुलिस से सबंधित सुविधा प्रदान की जाती है।

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