दिल्ली / वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि सरकार ने किसी भी पूंजीपति के लोन को माफ़ नहीं किया है। इस तरह की बातें महज अफवाह हैं।
वित्त मंत्री ने अपने फेसबुक पेज पर लिखे एक ब्लाग में क्रमवार तरीके से एनपीए के इतिहास और मौजूदा सरकार की इसपर की जा रही कारवाई के बारे में लिखा है। उन्होंने लिखा है कि लोगों को इन अफवाहबाजों से पूछने की जरूरत है कि किसके दबाव पर इस तरह के ऋण दिए गए। उन्होंने कहा कि सरकारी बैंकों की एनपीए राशि मार्च 2015 में 2,78,000 करोड़ से बढ़कर जून 2017 में 7,33,000 करोड़ रु हुई। वित्त मंत्री ने कहा कि ऐसेट क्वॉलिटी रिव्यू यानी AQR से पता चला कि करीब 4 लाख 54 हजार 466 करोड़ रुपये के कर्ज एनपीए होने चाहिये थे। उन्होंने कहा कि 2015 में ऐसेट क्वॉलिटी रिव्यू (AQR) में बड़ी तादाद में एनपीए का खुलासा हुआ। जितने भी बड़े लोन एनपीए हुए हैं वह 2008 से 2012 के बीच बांटे गए थे। वित्त मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने डिफॉल्टर्स को नॉन-एनपीए अकाउंट होल्डर्स के तौर पर वर्गीकृत किया था और वर्तमान सरकार ने किसी भी बड़े डिफॉल्टर का कर्ज माफ नहीं किया
किसी भी पूंजीपति के लोन को माफ नहीं किया: जेटली
