कांग्रेस को ‘राम-राम’, अब अपनी पार्टी का ‘जयकारा’ — टीएस सिंहदेव ने उड़ाई सियासी नींदें!
रायपुर ( होस ) छत्तीसगढ़ की राजनीति में मानो भूकंप नहीं, सीधा राजनीतिक सुनामी आ गई हो! सरगुजा के राजा, कांग्रेस के सबसे चमकते सितारों में शुमार और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने राहुल गांधी से दिल्ली में मुलाकात कर वो कर दिया, जिसकी कल्पना कांग्रेस कार्यकर्ता सपने में भी नहीं करते थे — कांग्रेस को अलविदा!

और कहानी यहीं खत्म नहीं होती। सिंहदेव ने पूरे ठाठ के साथ ऐलान कर दिया कि 1 अप्रैल को वह अपनी नई पार्टी का बिगुल फूंकेंगे। अब ये तारीख देखकर कई लोगों को लगा कि कहीं ये अप्रैल फूल तो नहीं, लेकिन राजनीति में मज़ाक भी अब गंभीरता से लिया जाता है!

कांग्रेस में हलचल ऐसी मची है जैसे बिना बताए शादी से दूल्हा ही भाग गया हो। पार्टी दफ्तरों में माथापच्ची चल रही है — “आख़िर गलती कहाँ हुई?”
वहीं दूसरी ओर भाजपा के बड़े-छोटे नेता ऐसे लाइन लगाए खड़े हैं जैसे रेलवे स्टेशन पर रिजर्वेशन काउंटर खुल गया हो —
“सर, कांग्रेस छोड़ ही रहे हैं तो सीधे भाजपा में ही आ जाइए ना!”
लेकिन बाबा ने सबको चौंकाते हुए कहा —
“न मैं इधर, न मैं उधर… मैं अपनी ही पार्टी बनाऊँगा!”
यानी अब छत्तीसगढ़ की राजनीति में तीसरा रास्ता नहीं, नया रास्ता खुलेगा — सिंहदेव एक्सप्रेस!
बताया जा रहा है कि वे पूरे छत्तीसगढ़ से अपने समर्थकों को जोड़कर एक ऐसी टीम बनाएंगे जो चुनावी मैदान में उतरकर बड़े-बड़े राजनीतिक हाथियों को भी दौड़ने पर मजबूर कर देगी। लोकतंत्र के महापर्व में अब मुकाबला सिर्फ कांग्रेस बनाम भाजपा नहीं रहेगा, बल्कि बीच में एक नया खिलाड़ी एंट्री मार चुका होगा — और वो भी शाही अंदाज़ में!
कुल मिलाकर, कांग्रेस के लिए ये सिर्फ इस्तीफा नहीं, राजनीतिक ब्रेकअप है — वो भी बिना “हम दोस्त रह सकते हैं” कहे!
और छत्तीसगढ़ की राजनीति के दर्शकों के लिए ये पूरा सीजन अब पहले से ज्यादा रोमांचक, मसालेदार और तंज से भरपूर हो चुका है।
