बीजापुर / नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ के बीजापुर में बीते रविवार दो ग्रामीण महिलाएं आईईडी ब्लास्ट की चपेट में आ जाने की वजह से घायल हो गईं, वहीं डीआरजी का एक जवान भी घायल हो गया। हादसे के बाद इलाके में दहशत का माहौल हो गया। वहीं, घायलों का इलाज के लिए बीजापुर के जिला अस्पताल ले जाया गया हैं, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
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सबसे बड़ी हैरान कर देने वाली बात ये है कि हादसे के बाद घायल हुई महिलाओं को अस्पताल तक ले जाने में परिजनों को समस्या का सामना करना पड़ा। उन्हें जब एंबुलेंस और कोई वाहन नहीं मिला तो जवानों ने बांस पर घायल महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचा गया। यह वाक्या सोशल मीडिया पर खुब वायरल हो रहा है।
वहीं, डीआईजी सुंदरराज ने बताया है कि नक्सली निर्दोश आदिवासी महिलाओं और बच्चों को भी नहीं छोड़ते हैं। उन निर्दोंश ग्रामीणों को बचाने के लिए सुरक्षाकर्मी अपने जीवन को खतरे में डाल रहे हैं।
आपको बता दें कि रविवार (सात जनवरी) को गंगालूर थाना इलाके के पुसनार के जंगलों में एक डीआरजी जवान और दो महिलाएं नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी ब्लास्ट की चपेट में आ गए थे। यह ब्लास्ट ऑपरेशन से लौट रहे गश्त पार्टी को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया था। गश्ती दल तो बच गया, लेकिन एक जवान और महिलाएं इसकी चपेट में आ गईं। जिसके बाद घायल महिलाओं को जवानों ने अपनी जान की चिंता किए बगैर बांस पर घायल महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचाया।
