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अजब गजब – पत्‍नी के प्‍यार में बनवा रहे है कुत्‍तों का अस्‍पताल…

पश्‍चिम बंगाल / वाकई प्यार अंधा होता है। आपने प्‍यार की खातिर शाहजहां को ताजमहल बनवाते सुना है अब मिलिये प्‍यार की खातिर कुत्‍तों का अस्‍पताल बनाने वाले मंत्री जी से।

पश्‍चिम बंगाल का है यह किससा – पश्‍चिम बंगाल के शिक्षामंत्री पार्थ चटर्जी ने घोषण की है कि वे अपनी कुत्‍ताप्रेमी पत्‍नी की याद में एक अस्‍पताल बनवायेंगे जो विशेष रूप से कुत्‍तों के लिए होगा। अस अस्‍पतान का नाम उनकी पत्‍नी बबली के नाम पर ही बबली चटर्जी मेमोरियल पेट हॉस्‍पिटल रखा जायेगा। इतना ही नहीं अस्‍पताल बनाने के लिए वो एक ट्रस्‍ट का निर्माण करेंगे और वहां पर पालतु जानवरों के इलाज की हर सुविधा का इंतजाम करेंगे। मंत्री की पत्‍नी का बीते साल जुलाई में निधन हो गया था।

पत्‍नी को था कुत्‍तों से प्रेम – मंत्री जी पार्थ चटर्जी ने बताया कि उनकी पत्‍नी को कुत्‍तों से बेहद प्रेम था। अब भी उनके घसर में करीब छह कुत्‍ते हैं जिनकी देखभाल मां की मृत्‍यु के बाद विदेश छोड़ कर आई मंत्री जी की बेटी करती है। मंत्री जी का कहना है कि पत्‍नी के इसी कुत्‍ता प्रेम के चलते उनके जहन में पेट के लिए अस्‍तपताल खोलने का ख्‍याल आया। उनके पास दक्षिण कोलकाता के बाघा जतिन रेलवे स्टेशन के निकट अस्‍पताल बनवाने वाले ट्रस्ट के नाम 17 एकड़ जमीन है। वहीं पर ये अस्पताल निर्मित किया जायेगा।

अजब गजब किस्‍से – पार्थ चटर्जी के पास पत्‍नी के कुत्‍ता प्रेम को बताने वाले कई किस्‍से हैं। ऐसी ही किस्‍से का जिक्र करते हुए उन्‍होंने बताया कि जब वे पार्टी के प्रशासनिक कामों में व्‍यस्‍त रहने के चलते कई बार देर रात घर पहुंचते थो तो उनकी पत्‍नी के पालतु कुत्‍ते उनके बिस्‍तर पर कब्‍जा कर चुके होते थे और खुद मंत्री जी को फर्श पर रात गुजारनी पड़ती थी। अब ऐसी दीवानगी के बाद तो स्‍मर्ति के तौर पर अस्‍पताल बनाना बनता है।

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