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PM ने तीन तलाक बिल पास कराने का राजनीतिक दलों से किया अनुरोध

नई दिल्ली / बजट सत्र की शुरुआत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उम्मीद जताई कि इस बार का बजट आम आदमी की उम्मीदों को पूरा करने वाला बजट होगा। प्रधानमंत्री ने बजट सत्र को बेहद अहम बताया और सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध किया कि तीन तलाक विधेयक को पारित कराने में मदद करें। गौरतलब है कि तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाने की सरकार की कोशिशों पर संसद के पिछले सत्र में विपक्ष ने राज्यसभा में अडंगा लगा दिया था।

संसद के बजट सत्र से पहले पीएम मोदी जब संसद भवन परिसर में मीडिया से रूबरू हुए तो उन्होंने बजट सत्र को बेहद महत्वपूर्ण करार दिया। पीएम ने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वो इस सत्र में तीन तलाक बिल को पास कराने में मदद करें।

गौरतलब है कि तीन तलाक से जुड़ा बिल संसद के शीतकालीन सत्र में पारित हो गया था और फिलहाल यह राज्यसभा में लंबित है। साथ ही पीएम ने देश के शानदार आर्थिक हालात का जिक्र किया और उम्मीद जताई कि इस सत्र में पेश होने वाला बजट न केवल अर्थव्‍यवस्‍था को एक नई ऊर्जा देने वाला होगा, बल्कि देश आम आदमी की आशा-अपेक्षाओं को पूर्ण करने वाला होगा।

पीएम ने तमाम राजनीतिक दलों से अपील की वो इस बात पर चिंतन करें कि बजट का सर्वाधिक लाभ देश के आम आदमी तक कैसे पहुंचाया जा सके।

गौरतलब है कि संसद का बजट सत्र सोमवार को शुरू हुआ है जो 9 फरवरी तक चलेगा। वहीं दूसरा हिस्सा 5 मार्च से 6 अप्रैल तक चलेगा। पहले सत्र में 1 फरवरी यानि गुरुवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली आम बजट पेश करेंगे। संसद सत्र में बीजेपी और एनडीए की तैयारियों को लेकर सत्र के पहले ही दिन दो अहम बैठकें हुईं। पहली बैठक बीजेपी संसदीय दल कार्यकारिणी की हुई। संसद भवन की लाइब्रेरी बिल्डिंग में इस बैठक में पीएम मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज सहित तमाम वरिष्ठ बीजेपी नेता मौजूद रहे।

बाद में एनडीए की भी बैठक हुई, जिसमें सहयोगी दलों के साथ संसद सत्र की रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक में दावोस के विश्व आर्थिक मंच की बैठक में पीएम मोदी के शानदार भाषण और आसियान भारत शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए बधाई प्रस्ताव पारित किया गया।

गौरतलब है कि सत्र से पहले रविवार को सर्वदलीय बैठक में भी पीएम मोदी ने सभी दलों से संसद सत्र के लिए सहयोग मांगा था। सरकार के पास इस सत्र में तीन तलाक के अलावा कंज्यूमर प्रोटेक्शन बिल, पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी बिल और नागरिकता बिल जैसे अहम विधेयक प्राथमिकता में हैं।

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