** मुनगा की खेती से किसानों में आयेगी समृध्दि
** अपर मुख्य सचिव श्री मंडल ने की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की कार्यों की प्रगति की समीक्षा
कोरिया / छत्तीसगढ शासन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आर.पी.मंडल ने जिला कलेक्टर श्री नरेंद्र कुमार दुग्गा की उपस्थिति में कल 31 जनवरी को जिला कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में संचालित विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और संबंधितों को आवश्यक निर्देश दिये।
बैठक में श्री मंडल ने कहा कि कोरिया जिले में क्षमताओं का अपार भण्डार है। यहां की जलवायु और मिट्टी मुनगा की खेती के लिए उपयुक्त है। किसानों की आय में दो से तीन गुना वृध्दि के लिए यहां बडे पैमाने पर मुनगा की खेती की जा सकती है। इस हेतु उन्होने वन अधिकार के तहत प्राप्त गरीब किसानों को प्रदाय पट्टे की भूमि का सीमांकन, समतलीकरण के साथ साथ भूमि की सुरक्षा के लिए चैंन लिंक फेंसिंग, सिंचाई के लिए सोलर सिंचाई पंप, पानी की भण्डारण के लिए डबरी निर्माण कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये।
बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री मंडल ने कहा कि मुनगा तीव्र गति से बढने वाले और कम लागत में अधिक लाभ देने वाला पौधा है। इसकी खेती साल में तीन बार किया जा सकता है। उन्होने कहा कि मुनगा में प्रचुर मात्रा में आयरन होता है। जो ताकत और तंदुरूस्ती के लिए आवश्यक है। यदि मुनगा की खेती भूमि की फेंसिंग और सिंचाई के साथ सामूहिक रूप से किया जाये तो किसानों के चेहरों में नई मुस्कान आ जायेगी। इसके लिए उन्होने अधिकारियों को किसानों को प्रेरित करते हुए दृढ इच्छाशक्ति, कडी मेहनत और निश्ठा से कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि एक एकड़ भूमि में 4 हजार मुनगा के पौधे लगाकर मुनगा की पत्ती से ही एक लाख रूपये की सालाना आमदनी प्राप्त की जा सकती है। उन्होने कहा कि धूप में सूखे मुनगा के पत्तों से प्रतिक्विंटल सात सौ रूपये की आय प्राप्त की जा सकती है। इसी तरह किसान उसी भूमि में व्यावसायिक फसल जैसे केला, पपीता, आम, अमरूद आदि की खेती कर समृध्द बन सकेंगे। उन्होने कहा कि सामूहिक रूप से खेती करने पर किसानों से उत्पाद के लिए व्यापारी उनके घर आयेंगे। किसानों को मार्केटिंग के लिए अन्यत्र जाना नहीं पडेगा। व्यापारी उनके घर से ही मुनगा और मुनगा से निर्मित उत्पाद ले जायेंगें। बैठक में उन्होने वन अधिकार के तहत प्रदत्त भूमि पर मनरेगा के तहत डबरी निर्माण करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि डबरी निर्माण में वर्शा का जल के अलावा वहां स्थापित सोलर सिंचाई पंप के माध्यम से बारहों माह जल का भण्डारण होगा। डबरी मे मत्स्य पालन होगा और वहां मुर्गी पालन का कार्य भी किया जा सकता है। मुर्गी पालन से मछलियों के लिए पौश्टिक आहार उपलब्ध होगा। जो लगातार उनके आय में वृध्दि का स्त्रोत होगा। इस अवसर पर श्री मंडल ने पष्चिम बंगाल राज्य की पुरेलिया और बीरभूमि में मुनगा की खेती और उनसे होने वाले लाभों का उदाहरण दिया। बैठक में उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी अमीर व्यक्ति की आय में दो शून्य बढ़ा देने से उसे कोई खास अंतर नहीं पडेगा लेकिन किसी गरीब व्यक्ति की आय में दो शून्य बढ़ा देने से उस गरीब के लिए उसका बहुत महत्व होता है। श्री मण्डल ने कहा कि अपने परिवार के अलावा यदि किसी गरीब व्यक्ति की सहायता की जाये, तो वह इंसान भगवान तुल्य हो जाता है।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री दुग्गा ने बताया कि जिले में गरीबों की आय में वृध्दि के लिए मुनगा की खेती को अभियान के रूप में लिया जायेगा। उन्होने बताया कि जिले में प्रथम चरण में शीघ्र ही 50 हेक्टेयर क्षेत्र में सामूहिक रूप से मुनगा की खेती की जायेगी। मुनगा की खेती से होने वाले लाभों के बारे में प्रत्येक लोगों को जानकारी दी जायेगी और उन्हें मुनगा की खेती के लिए प्रेरित किया जायेगा एवं उन्होने अपर मुख्य सचिव श्री मंडल के निर्देशो का पूरी तरह अमल करने की बात कही।
इस अवसर पर सीसीएफ श्री विशेन, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती तुलिका प्रजापति, बैकण्ठपुर अनुभाग के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अरूण कुमार मरकाम, बैकुण्ठपुर वन मंडल के वनमंडलाधिकारी इमो तेन्सू अउ, डिप्टी कलेक्टर एवं बैकण्ठपुर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अपूर्व प्रियेश टोप्पो, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त एल.आर.कुर्रे, ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता आर.एन.चैबे, प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना के कार्यपालन अभियंता नवीन मेहता, कृषि विभाग के उपसंचालक डी.के.रामटेके, उद्यान और के्रडा विभाग के के्रडा अधिकारी एस.के.किण्डो सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
