लखनऊ / माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश की हाईस्कूल और इंटरमीडियट की परीक्षाएं मंगलवार शुरू हो गईं। परीक्षा के लिए समूचे प्रदेश में 8500 केंद्र बनाए गए हैं। बता दे कि इस साल 66 लाख स्टूडेंट्स ने एग्जाम में अपना रजिस्ट्रेशन कराया, लेकिन पहले ही दिन 1.80 हजार छात्र परीक्षा देने के लिए नहीं आए। बताया जा रहा है कि प्रदेश सरकार द्वारा नकल के खिलाफ उठाए सख्त कदमों के चलते इतनी बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा देने के लिए नहीं आए।
पिछले साल के मुकाबले 11 लाख अधिक छात्र एग्जाम दे रहे हैं। इस बार यूपी बोर्ड के इम्तिहान में करीब 66 लाख, 37 हजार परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश दुनिया में अपनी तरह का सबसे बड़ा बोर्ड है। पिछले साल 55 लाख छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी थी। पिछले साल 11 हजार, 415 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, वहीं इस बार इनकी संख्या घटकर 8549 हो गई है। सरकार ने ऐसे स्कूलों में सेंटर नहीं बनाए हैं जो नकल के लिहाज से ज्यादा संवेदनशील माने जाते हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार सभी परीक्षा केन्द्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और बिजली जाने की स्थिति में प्रकाश व्यवस्था के लिये जेनरेटर का इंतजाम भी किया गया है।
UP BOARD एग्जाम खास –
** उधर, बेसिक शिक्षा परिषद ने बताया कि आज पहले दिन 1,80,826 परीक्षार्थियों ने परीक्षा नहीं दी। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि नकल वाले सेंटर बंद किए जाने से बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा देने ही नहीं आए।
** नकल रोकने के इंतजामों का जायजा लेने के लिए उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने खुद ही कई स्कूलों का दौरा किया। जौनपुर के एक स्कूल में उपमुख्यमंत्री ने सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कक्षाओं का जायजा लिया। वाराणसी में यूपी बोर्ड परीक्षा के मद्देनजर 142 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा एक परीक्षा केंद्र केंद्रीय कारागार में बनाया गया है। 142 परीक्षा केंद्रों में 18 संवेदनशील घोषित किए गए हैं।
** इलाहाबाद के एक स्कूल में सामूहिक नकल कराने के आरोप में मंगलवार को एसटीएफ ने प्रिंसिपल समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया। दूसरी पाली में इंटरमीडिएट की परीक्षा के दौरान नकल का यह मामला सामने आया। गिरफ्तार किए गए लोगों में एक छात्र भी है।
