रायपुर / यूथ काँग्रेस छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव सुबोध हरितवाल ने प्रदेश के आदिवासियों के हितों की उपेक्षा के राज्य की भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। सुबोध ने रमन सरकार पर हमला करते हुए कहा कि 15 साल से भाजपा, प्रदेश की सत्ता पर काबिज है, बावजूद इसके छत्तीसगढ़ के हमारे आदिवासी भाई बहनों को आज भी अपने हितों की रक्षा के लिए सड़क पर आंदोलन करना पड़ रहा है, आदिवासी बाहुल्य प्रदेश होने के बावजूद भी छत्तीसगढ़ में आदिवासियों की स्थिति दयनीय है।
आगे सुबोध हरितवाल ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासियों के जल, जंगल, ज़मीन को छीनने की कोशिश सरकार कर रही है। आउटसोर्सिंग के माध्यम से फर्जी सर्टिफिकेटस पर अवैध भर्ती कराई जा रही है। सरकार आदिवासियों की जबरन नसबंदी कर रही है। अभ्यारण्यों के नाम पर आदिवासी गांव खाली कराकर भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है। साथ ही राज्य की भाजपा सरकार ने आदिवासियों के हितों की रक्षा और उनके उत्थान के लिए न जाने कितने वादे किए हैं पर उन वादों पर खरा नहीं उतर पाई क्योंकि अगर वादे पूरे होते तो आज प्रदेश के आदिवासी समाज के लोगों को आंदोलन करने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता, इतना ही नहीं आदिवासियों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए भी कोई व्यापक रूप से कदम नहीं उठाया गया है। बस्तर के साथ ही प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी आदिवासी समाज की स्थिति बहुत खराब हो गई है।
सुबोध ने मांग की है कि आदिवासियों के लिए जो “आदिवासी विकास परिषद्” का गठन किया गया है उसका मुखिया भी मुख्यमंत्री के बजाय किसी आदिवासी को होना चाहिए और साथ ही आदिवासियों के आरक्षण से आय की सीमा को भी हटाया जाना चाहिए और आदिवासी समाज की मांगों को लेकर सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
सुबोध हरितवाल ने कहा कि अब तक छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने आदिवासी समाज के विकास के लिए जो भी किया वो सब सिर्फ कागज़ों पर ही है जबकि यथार्थ में हकीक़त कुछ और ही है। प्रदेश की भाजपा सरकार से अब छत्तीसगढ़ की जनता को कोई उम्मीद नहीं है और आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता, काँग्रेस पार्टी को वोट देकर प्रदेश हित में सत्ता परिवर्तन करेगी।
