रायपुर। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर राजधानी रायपुर के गांधी उद्यान में भव्य बुद्ध जयंती समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन भारतीय बौद्ध महासभा, छत्तीसगढ़ एवं राज्य अल्पसंख्यक आयोग के संयुक्त तत्वावधान में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में बौद्ध अनुयायी और गणमान्य नागरिक शामिल हुए।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने गौतम बुद्ध के जीवन, उपदेश और दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका संदेश अहिंसा, करुणा, समानता और विश्व बंधुत्व पर आधारित है, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज में शांति, सद्भाव और नैतिक मूल्यों की स्थापना की जा सकती है।
उड़ीसा से आए भंते नाग बोधी ने अपने प्रवचन में तृष्णा, लोभ और स्वार्थ से दूर रहने का संदेश दिया और बुद्ध के उपदेशों को कथा के माध्यम से प्रेरणादायक ढंग से प्रस्तुत किया। राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा ने कहा कि बुद्ध के उपदेश हर काल और परिस्थिति में प्रासंगिक हैं और हमें संयम, सदाचार तथा सकारात्मक जीवन की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने बौद्ध समाज को शिक्षित और जागरूक बताते हुए उसके योगदान को सराहनीय बताया।
डॉ. आर.के. सुखदेव ने बुद्ध के जन्म और जीवन प्रसंगों पर विस्तार से जानकारी दी, वहीं सी.डी. खोबरागड़े ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन बी.आर. गायकवाड़ ने किया। भारतीय बौद्ध महासभा के अध्यक्ष भोजराज गौरखेड़े ने सभी से बुद्ध के संदेशों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
समारोह में रायपुर संभाग आयुक्त महादेव कावरे (IAS) और विभागीय जांच आयुक्त दिलीप वासनिकर (IAS) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और जनसमूह को संबोधित किया। अंत में अतिथियों का स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया।
यह आयोजन समाज में शांति, सद्भाव और नैतिक मूल्यों के प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सम्पन्न हुआ।
