रायपुर, 2 मई 2026।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत छत्तीसगढ़ को बड़ी वित्तीय राहत मिली है। ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने राज्य के लिए कुल 1333 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है, जिससे लाखों ग्रामीण श्रमिक परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
स्वीकृत राशि में से 800 करोड़ रुपए से अधिक मजदूरी भुगतान के लिए जारी किए गए हैं। यह भुगतान डीबीटी के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है।
अब तक 212 करोड़ रुपए की मजदूरी राशि श्रमिकों के खातों में भेजी जा चुकी है, जबकि शेष राशि जल्द ही चरणबद्ध तरीके से जारी की जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
राज्य में “मोर गांव मोर पानी महा अभियान” के तहत जल संरक्षण कार्यों—जैसे आजीविका डबरी और नवा तरिया—को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे जल स्तर सुधार और रोजगार सृजन दोनों को बढ़ावा मिल रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार मनरेगा के जरिए ग्रामीण विकास, अधोसंरचना निर्माण और गरीब परिवारों को आर्थिक संबल देने पर जोर दे रही है।
यह स्वीकृति छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास को नई गति देने और श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
