00 भाजपा को चौथी बार भी सत्ता हथियाने की ये मुगेरी घोषनाऐ
00 अध्यक्ष नंदकुमार साय को दो शब्द आभार के भी बोलने का अवसर तक नही दिया, आदिवासी वर्ग की उपेक्षा
रायपुर / जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के संस्थापक एवं पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आदिवासी क्षेत्र के बस्तर के बीजापुर स्थित जगला में आदिवासीयों कोे सब्जबाग दिखाकर अपनी प्रलोभनार्थ योजनाओं का पीटारा खोल दिया है क्योकिं भाजपा को दलित अ.जा.-ज.जा. को भम्रित कर केवल उनके वोट हासिल करने में महारत हासिल है। भाजपा को चौथी बार भी सत्ता हथियाने की ये मुगेरी घोषनाऐ की गई है। बड़ी-बड़ी नयी-नयी योजनाओ की अक्लपनीय घोषनाओ का अम्बार लगा दिया गया। जो आसन्न चुनाव में वोट हासिल करने का असफल प्रयास मात्र है। बस्तर सहित प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा आज तक छली गई जनता को इन घोषनाओ से गुमराह नही किया जा सकता है।
प्रदेश की जनता जागरुक है उसने अब छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़िया राज स्थापित करने की ठान ली है। प्रधानमंत्री द्वारा डिजीटल शिलायन्स, शुभांरम पुर्व में बस्तर क्षेत्र के लिये की गई अक्लपनीय घोषनाऐ महज दिखावा सिध्द हो चुकिं है। मोदी द्वारा घोषित योजनाओं का शीर्षक अग्रेंजी भाषा में होने के कारण उपस्थित जनसमुदाय के कुछ भी पल्ले नही पड़ा और उनमें कोई असर भी दिखलाई नहीं दिया। प्रधानमंत्री के आयोजन में प्रदेश की जनता का करोड़ो रुपया खर्च कर दिया गया जिसका कोई औचित्य नहीं है। प्रधानमंत्री डिजीटल शिलान्यस एवं ट्रेन को हरी झण्डी दिल्ली से ही बटन दबाकर प्रारभं कर सकते थे तथा लक्षेद्वार भाषण वीडियो कांफ्रसिंग से देकर फिजूल खर्ची से बचा जा सकता था।
श्री जोगी ने कहा है कि नकस्ल प्रभावित क्षेत्र एवं वहा की पीड़ित जनता की दशहत को दुर करने का कोई डिजीटल बटन मोदी द्वारा नही दबाया जबकि प्रदेश एवं केन्द्र की सरकार नक्सल समस्याओ से पीड़ित क्षेत्रवासियो को समस्या से निजात दिलाने बाबत केन्द एवं प्रदेश का करोड़ो एवं अरबो रुपया खर्च कर करने के बाजूद कुछ हासिल नही हुआ।
श्री जोगी ने कहा है कि प्रधानमंत्री ने सभा मंे कठुआ, उन्नाव एवं सासाराम के शर्मनाथ दुष्कर्म वारदातो बाबत कोई उदगार व्यक्त नही किये क्योकि उन्नाव के दुष्कर्म मामले में भाजपा के विधायक सहित एंव शासकीय कर्मचारी एवं कार्यकर्ता सम्मिलित है। देश में घटित दुष्कर्म एवं संगीन अपराधो का विश्व रिकार्ड स्थापित हो चुका है। नरेन्द्र मोदी ने अपने सांसदो एवं विधायक को जनता के घरो मे जाने एवं उनके साथ भोजन करने की हिदायत दी है वही मोदीजी आये और घोषनाऐ कर चले गये परन्तु किसी आदिवासी के घर में रुक कर भोजन करने का इरादा नही दिखाया जो उनकी कथनी करनी के अन्तर को उजागर करता है ।
श्री जोगी ने आगे कहा है कि सभा में उपस्थित आदिवासी समुदाय को निराशा हाथ लगी क्योकि उनके वर्ग के प्रतिनिधी के रुप मे मंच पर उपस्थित भारतीय जनजातीय आयोग के अध्यक्ष नंदकुमार साय को दो शब्द आभार के भी बोलने का अवसर तक नही दिया गया जो आदिवासी वर्ग की उपेक्षा का प्रमाण है। बाबा साहेब अम्बेडंकर की जंयती में आयोजित आम सभा का कार्यक्रम मात्र बहाना साबित हुआ दरसल मे मोदीे प्रलोभनार्थ घोषनाओ के माध्यम से छत्तीसगढ़ के आसन्न चुनाव का शंखनाद करने आये थे।
