टंपा / अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा शनिवार को मंगल ग्रह पर अपना नया मिशन ‘इनसाइट मार्स लैंडर’ भेज रहा है। इस मिशन कि खासियत ये है कि इसमें मंगल ग्रह पर एक रोबॉटिक भूवैज्ञानिक को भी भेजा जा रहा है जो अब तक की सबसे अधिक गहराई तक खुदाई कर लाल ग्रह के तापमान से जुड़ी जानकारी जुटाएगा।
नासा का ये मिशन यदि कामयाब रहता है तो लाल ग्रह से जुड़े कई राज सामने आ सकते हैं। जानकारी के मुताबिक इनसाइट मार्स लैंडर को कैलिफोर्निया में वांडेनबर्ग एयरफोर्स बेस के स्पेस लांच कॉम्प्लेक्स 3 से यूनाइटेड लॉन्च अलाइंस (यूएलए) एटलस पांच रॉकेट से छोड़ा जाएगा। इस साल 26 नवंबर को इनसाइट मार्स पर लैंड करेगा और वहां 2 साल बिताएगा। इस मिशन में वैज्ञानिक मार्स के रोटेशन को ट्रैक कर इस ग्रह के आकार और इसके कोर के बारे में जानकारी जुटाएंगे।
हाल ही में नासा ने एक नयी परमाणु रियेक्टर ऊर्जा प्रणाली का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया है जो चंद्रमा, मंगल और इससे भी आगे के गंतव्यों तक लंबी अवधि के चालक दल के सदस्यों वाले मिशनों को ऊर्जा प्रदान कर सकती है। अमेरिका राष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा प्रशासन के नेवादा राष्ट्रीय सुरक्षा स्थल पर ‘ किलोपॉवर रियेक्टर यूजिंग स्टायरलिंग टेक्नोलॉजी ’ का परीक्षण किया गया।
नासा के अनुसार भविष्य के रोबोटिक और मानव अन्वेषण के लिए सुरक्षित, सक्षम ऊर्जा मुख्य भूमिका निभाएगी जो चंद्रमा एवं मंगल मिशनों के लिए महत्वपूर्ण भाग साबित होगी।
