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जिन्ना देश के मुसलमानों के आदर्श नहीं……विलेन थे…..रिज़वी

रायपुर / जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मीडिया प्रमुख एवं छतीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के प्रथम अध्यक्ष इक़बाल अहमद रिज़वी ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पाकिस्तान के निर्माता जिन्ना कि तस्वीर हिन्द..पाक बटवारे के बाद भी लगाए रखने को अनुचित बताते हुए कहा है कि जिन्ना की तस्वीर को पहले ही हटा दिया जाता तो किसी भी तत्व को हंगामा या विरोध प्रदर्शन करने का अवसर ही नहीं मिलता आज इस तस्वीर को हटाने के लिए जो लोग हंगामा कर रहे है उन्हें इस मुद्दे पर हाय तौबा मचाने का अवसर ही नहीं मिलता वैसे भारतीय होना देश के हर नागरिक की तरह मुसलमानों को भी गर्व है। देश के सौहाद्र को खराब करने का अवसर किसी के भी द्वारा नही दिया जाना चाहिये। इस देश का मुसलमान जिन्ना को कभी माफ़ नहीं करेगा क्योकि जिन्ना ने विभाजन करवा कर देश को ही नहीं वरन दिलो को भी बाँटने का काम किया है। जिन्ना की तस्वीर को ना केवल अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी वरन देश में जंहा कही भी भूलवश उनकी तस्वीर लगी हो उसे तत्काल बिना किसी शोरशराबे के हटा देना चाहिये।

रिज़वी ने कहा है कि देश का हर मुसलमान पैगम्बर मोहम्मद साहब एवं उनके भतीजे और दामाद हजरत अली को जान से भी ज्यादा चाहता और मानता है परन्तु उन महान दोनों आराध्य हस्तियों के साथ जिन्ना शब्द नागवार गुजरता है जिन्ना शब्द से मुसलमानों को कोई सरोकार नहीं है। देश के मुसलमानों को जिन्ना से कोई नाता नहीं रखना चाहिये जैसे राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के नाम में से देशवाशियों को केवल आराध्य राम से ही मतलब रखना चाहिये। नाथू और गोडसे नामो से देश के हर व्यक्ति को नफरत है और हत्यारे गोडसे से नफरत होना सभी के लिए लाजमी भी है।

रिज़वी ने उस वाकिये का स्मरण दिलाया है जब पाकिस्तान प्रवास पर देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवानी इसी बटवारे के उत्तरदाई जिन्ना के मकबरे पर जाकर श्रधांजलि अर्पित करते हुए जिन्ना को सेकुलर बता कर महिमामंडित किया था जो सभी देशवासियों को नाकाबिलेबर्दाश्त लगा था। उस समय कुछ लोगो ने आडवानी की आलोचना जरुर की थी परन्तु कट्टरपंथियो ने उनके विरुद्द किसी प्रकार का प्रदर्शन या पुतला दहन नहीं किया था ना ही देश में किसी प्रकार का हंगामा किया गया इस लिए मेरा मानना है देश में किसी भी वर्ग या समाज के व्यक्ति या समुदाय को कोई कार्य ऐसा नहीं करना चाहिये जिसे देश का सौहाद्रपूर्ण एवं भाईचारे का वातावरण दूषित हो।

रिज़वी ने कहा है कि जिन्ना भारत के मुसलमानों का आदर्श कदापि नहीं हो सकते वरन उनके द्वारा देश के विभाजन में सक्रिय भुमिका निभा कर भारत के मुसलमानों का अहित किया गया तथा फूट डालो और राज करो की अलगाववादी मनशा रखने वाले साम्प्रदायिक दलों एवं संगठनों को एकजुट होने का अवसर दे दिया जो देश के सौहार्द के लिए खतरा बनता जा रहा है। पाकिस्तान ना बना होता तो आज हिंदुस्तान में मुसलमानों की आबादी पचास करोड़ से ज्यादा हो गयी होती। आज जो लोग मुस्लिमो की वर्तमान आबादी से परेशान एवं चिंतित है उनके लिए तो जिन्ना ने पाकिस्तान बना कर मसीहा का काम किया है।विभाजन के लिए जिम्मेदार जिन्ना का अलगाववादीयो एवं फूट डालो और राज करो की नीति पर चलने वाले तत्त्वों को जिन्ना का एहसानमंद होना चाहिये।

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