रमानुगंज / वसीम बारी – हमेशा जान जोखिम में, चौबीस घंटे ड्यूटी जिनमें ऐसे काम भी शामिल हैं जो पुलिस की मर्यादा और स्वाभिमान के विपरीत हैं फिर भी इन्हें मिलने वाली सुविधाओं की बात करें तो न इन्हें छुट्टी मिलती है और न पर्याप्त भत्ते और तनख्वाह, सरकार द्वारा उनके साथ सौतेले व्यवहार को लेकर आक्रोश तो दिखते रहा है, लेकिन अनुशासन की डोर से बंधे पुलिस कर्मी अपनी मांगों को लेकर कभी खुलकर सामने नहीं आ सके लेकिन अब वे भी छत्तीसगढ में अपने अधिकारों और मांगों को लेकर सभी तरह के प्रयास करते नजर आ रहे है।

पुलिस कर्मियों की मांगों को जनसमर्थन भी मिल रहा है तथा 25 जून को उनके परिजनों के आंदोलन को समर्थन देने की बात कर रहे हैं। बलरामपुर-रमानुगंज जिले में पुलिस परिवार के महीलाये मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौपा. जिसमे 13 महत्वपूर्ण मांगे, वही मांगे पुरी नही होने पर आंदोलन की तैयारी में आने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में अपने वोटो से सरकार को वंचित करने की बात कही गई,
इस दौरान सुनिता सिहं, मिथलेश उहरिया, पदमावती सिहं, रंतनी कुजूर, राधा खलको सहीत दर्जनों महीलाये शामिल रही.
