केबिनेट का फैसला – 8 साल वरिष्ठता वाले शिक्षाकर्मियों को अधिक लाभ

रायपुर / मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह की अध्यक्षता में सोमवार शाम मंत्रालय में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में संविलयन पर मंत्रिपरिषद की सहमति की मुहर लग गई है। हालांकि ये संविलियन चरणबद्ध तरीके से किया जायेगा। बताया गया है कि सेवाकाल के अाठ साल पूरे करने वाले शिक्षाकर्मियों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा।

पहले चरण में एक लाख 3 हजार शिक्षाकर्मियों को संविलियन के बाद वित्तीय लाभ की सौगात मिलने लगेगी। बचे शिक्षाकर्मियों में जैसे-जैसे 8 वर्ष पूरा करते जायेंगे, उन्हें वित्तीय लाभ मिलता चला जायेगा। 2019 में 10 हजार और आगे के वर्षों में 38 हजार शिक्षाकर्मी लाभान्वित होंगे। संविलियन के बाद सभी शिक्षाकर्मियों को नियमित शिक्षकों की भांति सांतवें वेतनमान के समान वेतनमान, भत्ता एवं साथ-साथ अन्य सुविधाएं जैसे अनुकंपा नियुक्ति, पदोन्नति और ट्रांसफर की फैसलिटी मिलेगी। संविलियन के बाद शिक्षकों के प्रधानपाठक और प्राचार्य के पदों पर पदोन्निति की व्यवस्था भी होगी। संविलियन किये गये शिक्षक अब शिक्षक संवर्ग के नाम से जाने जायेंगे, जिसका नियंत्रण एवं प्रबंधन स्कूल शिक्षा विभाग करेगा। संविलियन से शिक्षक ( पंचायत एवं नगरीय निकाय) वेतन में प्रतिमाह लगभग 7 हजार से 12 हजार की वृद्धि होगी, इससे राज्य सरकार के खजाने पर 1346 करोड़ का भार आयेगा। स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संभाग स्तर कार्यालय खोले जायेंगे एवं राज्य एवं संभागीय कार्यालयों को सुदृढ़ किया जायेगा।

error: Content is protected !!