कोरिया / जिले में स्वास्थ्य सुविधाएं किस प्रकार बदहाल हो चली हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिला अस्पताल में भर्ती एक मरीज जिसके परिजनों का कोई अता – पता नहीं था या यु कहे की लावारिस था। उसके ईलाज के दौरान पूरे शरीर में चीटिंयां चल रही थी।
हैरत कर देने वाली बात तो यह है कि जब इस बारे में कुछ न्यूज रिपोटर ने जिला अस्पताल के डॉ.सुनील गुप्ता से बातचीत की तो उनका कहना था कि हमारे अस्पताल में लावारिस लोगों के उपचार की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे साफ है कि बैकुण्ठपुर जिला अस्पताल का कोई वारिस नहीं है यह अस्पताल ही खुद लावारिस है।
आपको बता दे कि बीते एक सप्ताह पूर्व एक गंभीर रूप से बीमार मरीज को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मनेन्द्रगढ के बाहर लावारिस हालत में पडा देखकर मनेन्द्रगढ विधायक श्यामबिहारी जायसवाल ने डाक्टरों को कडी फटकार लगाई थी। विधायक के फटकार के बाद मरीज को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती किया गया। मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल बैकुण्ठपुर रिफर कर दिया गया। यहां उसका उपचार जारी था लेकिन मरीज के उपचार में कितना ध्यान रखा जा रहा था। इसका अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि मरीज के शरीर में जगह – जगह चीटिंया चलने लगी। इस बारे में जिला अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी से जब हमने बातचीत की तो उन्होने कहा कि जिला अस्पताल में एक भी स्वीपर नहीं है और लावारिस मरीज के लिए हम कुछ नहीं कर सकते। ऐसे में साफ है कि जिस प्रदेश के मुखिया भी डॉक्टर हो तो उनके प्रदेश के जिला अस्पताल में इस प्रकार की बदहाली डॉक्टरों की मनमानी बताने के लिए काफी है।
