कोरिया / जिले के भरतपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत नोडिया में निर्माण विभाग जल संसाधन विभाग की उदासीनता के कारण वर्ष 2015 में स्वीकृत स्टापडेम सह पुलिया आज भी विकास को मुह चिढ़ाता नजर आ रहा है।
जहा निर्माण विभाग अब राशि स्वीकृति करा कर जल्द कार्य पूर्ण करने की बात कह रहे हैं। जबकि इस कार्य के लिए लगभग 20 लाख रुपये पूर्व में ही स्वीकृत थे किंतु निर्माण विभाग जल संसाधन ने नदी के बीच मे स्टापडेम कम पुलिया बना कर छोड़ दिया। जिससे आज भी ग्रामीणों को नदी से होकर जाना पढ़ता है जहा बरसात के दिनों में ग्रामीणों को ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पढ़ता है। वही निर्माण विभाग 3 वर्षो से केवल ग्रामीणों को अस्वासन देकर कागजी खानापूर्ति कर रिकार्ड में स्टाप डेम सह पुलिया निर्माण पुर्ण होना बता रही है। जब कि तस्वीर कुछ और ही बया कर रही जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि विकास के प्रति अधिकारी कितने जिम्मेदार है वही अब इस कार्य के पूरा होने के लिए निर्माण विभाग 28 लाख रुपये और खर्च होने की बात कह रहा जिसके लिये अब निर्माण विभाग को राशि स्वीकृत होने का इंतजार है ।
विदित है कि ग्रामीणों की मांग पर पूर्व कलेक्टर कोरिया के पहल करते हुए सविधान के अनुच्छेद 275(1) के अंतर्गत विशेष केंद्रीय सहायता तथा अनुदान उप-योजना के माध्यम से इस कार्य की स्वीकृति किया था। जहा इस योजना का उद्देश्य आदिवासी बाहुल्य स्थानों में पारिवारिक आय सृजन की निम्न योजनाओं जैसे कृषि, बागवानी, लघु सिंचाई, मृदा संरक्षण, पशुपालन, वन, शिक्षा, सहकारिता, मत्स्य पालन, गांव, लघु उद्योगों तथा न्यूनतम आवश्यकता संबंधी कार्यक्रमों के द्वारा आय में विर्द्धी करना है।
कोरिया जिले में भी कई क्षेत्र आदिवासी बाहुल्य है इस कारण जिले में भी इस योजना के तहत बैगा हितगाहियो को भी सिचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जिले के भरतपुर विकास खंड के ग्राम नोडिया में स्टाप डेम निर्माण हेतु वर्ष 2015/16 में 20 लाख रूपए की स्वीकृति प्राप्त हुई। निर्माण की जिम्मेदारी जिले के जल संसाधन विभाग को दी गई जहा निर्माण विभाग ने आमजनो को आने जाने के लिए हो रही असुविधा को देखते हुए ग्राम के इस मार्ग पर पुल व स्टाप डेम का निर्माण किया। ताकि ग्रामवासी इस मार्ग से आ जा सके व सिचाई सुविधा के लिए पानी भी डेम के माध्यम से रोका जा सके। निर्माण विभाग ने इस कार्य को 31/3/16 को पूर्ण कर सी सी भी जारी कर दिया। जिससे अब यह कार्य शासन के रिकार्ड में पूरा हो गया किन्तु आज भी इस कार्य की वास्तविकता कुछ और है। ग्रामवासी न तो इस पुल से एक छोर से दूसरे छोर जा सकते है न ही इस स्टाप डेम के निर्माण पश्चात विभाग ने पानी को ही रोक पाया है।
विदित है कि इस स्टाप डेम के बनने से अनुसुचित जनजाति के बैगा हितग्राहियो के 16 निवासरत परिवारों के 54 हितग्राहियो को कृषि के लिए सिचाई सुविधा के साथ आवागमन की सुविधा मिलती। किन्तु निर्माण विभाग की उदासीनता के कारण ग्रामीणों की समस्या आज भी जस की तस है।
बहरहाल शासन द्वारा इन बैगा जाती के हितग्राहियो को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए काफी प्रयास किये जा रहे है किंतु धरातल पर शासन की योजनाएं दम तोड़ती नजर आ रही है। वही यह क्षेत्र पहुच विहीन होने के कारण भी जिले के वरिष्ठ अधिकारियो के ध्यान में नही गया। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इन बैगा हितग्राहियो को जीवकोपार्जन के लिए इस स्टाप डेम को पूरा करा पाता है या फिर ग्रामवासी के लिए विकास महज एक सपना ही रह जायेगा ।
वी एस साहु, ई ई जल संसाधन विभाग कोरिया –
उक्त पुल सह स्टाफ डेम निर्माण का कार्य मार्च 2016 में ही पूरा हो गया है, जहा रिटर्निंग वाल का कार्य राशि के अभाव के कारण पूरा नही हो पाया है। कार्य पूर्ण करने के संबंध में राशि के स्वीकृति की मांग किया गया है राशि के स्वीकृति होते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
