कोरिया / राज्य शासन द्वारा क्षेत्र के विकास को गति देने की मंशा से नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों को दी गई लाखों रुपयों की निधि का खुलकर दुरुपयोग करना नगर पालिका शिवपुर चरचा की पहचान बन गई है। वर्तमान में नगर पालिका शिवपुर के अध्यक्ष द्वारा अपनी अध्यक्ष निधि से भ्रष्टाचार करने के कई मामले बेहद चर्चित हो रहे हैं।
बता दे कि 2 वर्ष की अवधि में पालिका अध्यक्ष को 40 लाख रुपए शासन द्वारा बतौर अध्यक्ष निधि दिए गए। इसके विपरीत “नई सोच नई उम्मीद के नारों” के साथ निकाय में पहली बार काबिज हुए कांग्रेस समर्थित अध्यक्ष द्वारा जमकर दुरुपयोग किया गया। साथ ही शासकीय दिशा निर्देशों के विपरीत मनमाने तरीके से मिलीभगत कर जनता के पैसों की बंदरबांट की गई।

टोपी घोटाला कर टोपी पहनाया – नगर पालिका शिवपुर चरचा के अध्यक्ष द्वारा अपनी अध्यक्ष निधि से साधारण बाजार से मिलने वाली टोपी को 500 गुना अधिक दाम में खरीदकर हजारों रुपए का अनियमित व्यय कर चरचा की जनता को टोपी पहनाया गया। पालिका अध्यक्ष द्वारा साधारण बाजार में मिलने वाली ₹40 लागत की टोपी को 211 रुपए प्रति टोपी की दर से लक्ष्मी हार्डवेयर स्टोर चिरमिरी से खरीदा गया। लक्ष्मी हार्डवेयर स्टोर मुख्यता सीमेंट, सीट लोहे के समान पेंट हार्डवेयर सामानों के विक्रेता है यह जानते हुए भी अध्यक्ष द्वारा लोहे के सामानों की दुकान से टोपी खरीद कर बाउचर नंबर 156 दिनांक 29 मार्च 2017 को ₹30686 का भुगतान किया गया। लोहे के सामानों की दुकान से कपड़े की टोपी खरीदना वाकई में नगरपालिका अध्यक्ष की काबिलियत को दर्शित करता है।
गायब कर दी लाख रूपय की कुर्सी – नगर पालिका शिवपुर चरचा के अध्यक्ष द्वारा निकाय के वार्ड क्रमांक 5 में स्थित सामुदायिक भवन हेतु 1 लाख रुपयों की कुर्सी खरीदने की अनुशंसा की गई। इसके तहत 1050 रुपए प्रति कुर्सी की दर से पंचानवे कुर्सी का भुगतान 98752 रुपए गणेश सेल्स चरचा को वाउचर क्रमांक 619/ 22-12-2017 को किया गया। वर्तमान में 8 महीने गुजर जाने के बाद भी जब कुर्सियां सामुदायिक भवन नहीं पहुंची तो कई लोगों ने आवाज उठाई, जिस पर पालिका अध्यक्ष ने Facebook के माध्यम से सफाई दी की कुर्सियां मैंने कैथोलिक आश्रम सरडी को दी है। नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा सामुदायिक भवन के नाम पर निकाली गई कुर्सियों को अपने समाज को देने से स्थानीय नागरिकों में बेहद आक्रोश है। पालिका की यह कार्यशैली नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा दिनांक 2 मई 2017 पत्र क्रमांक 5 -1 का जानबूझकर स्पष्ट रूप से खुला उल्लंघन है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि क्षेत्र में शिव बद्री मंदिर, राम मंदिर, शीतला मंदिर, मस्जिद काली मंदिर जैसे वर्षों पुराने कई अन्य सभी वर्गों के धार्मिक स्थल है। जहां पर पालिका अध्यक्ष अपनी अध्यक्ष निधि का उपयोग नहीं करते हैं। इसके विपरीत मात्र एक साल पूर्व बने कैथोलिक आश्रम को दिल खोलकर सहयोग करते हैं।
वाटर प्यूरीफायर का पता नहीं – नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा शासकीय स्कूलों एवं आंगनवाड़ी मे शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 3 लाख 3 हजार रुपयों की लागत के 60 नग वाटर प्यूरीफायर खरीदे गए, इन वाटर प्यूरीफायर को शासकीय विद्यालयों में व आंगनवाड़ी भवनों में देना था। पालिका द्वारा 3 लाख तीन हजार रुपयों का भुगतान वाउचर क्रमांक 614 दिनांक 19-12-2017 को गणेश सेल्स को किया गया। पालिका अध्यक्ष द्वारा महज कुछ वाटर प्यूरीफायर अपने चहेतों में बांटकर कर खानापूर्ति कर दी गई। सूचना के अधिकार के तहत यह जानकारी मांगने पर की वाटर प्यूरीफायर किन-किन लोगों को दिया गया है, उसकी सूची दें इस पर पालिका प्रशासन द्वारा कोई दस्तावेज नहीं दिए गए।
लाखों की लाइटों का पता नहीं – नगर पालिका शिवपुर चरचा के अध्यक्ष निधि से ₹8000 की दर से काफी संख्या में लाइटें खरीद कर लगभग आठ लाख रुपए का भुगतान फर्म गणेश सेल्स चरचा को वाउचर क्रमांक 226 दिनांक 15-6-2017 वाउचर क्रमांक 1009 दिनांक 13 / 2017 व कई अन्य तिथियों में किया गया। लाइटों की खरीदी निकाय के विभिन्न व्हाट डू में लगाने की अनुशंसा के साथ की गई थी, किंतु यह लाइट कहां लगाई गई। इसका उल्लेख नगरपालिका के किसी भी दस्तावेज में नहीं है।
विदित हो कि पिछले वित्तीय वर्ष में पालिका के अध्यक्ष व पार्षदों द्वारा मनमाने तरीके से लाइटों की खरीद कर हेराफेरी की गई थी। इन लाइटों की जांच से पूरी सच्चाई सामने आ जावेगी।
महंगी डायरी और पेन की खरीदी – नगर पालिका शिवपुर चरचा के अध्यक्ष सदैव पैसों की कमी की बात कहते रहते हैं, किंतु अपने कथन के विपरीत अध्यक्ष निधि से 360 ₹ प्रति नग की दर से डायरी व ₹110 प्रति नग की दर से पेन खरीद कर भुगतान किया। जब पैसों की कमी थी, विकास कार्य अटक रहे थे तो ऐसी स्थिति में नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा महंगे दर पर खरीदी करना अपने आप में सवालिया निशान खड़ा करता है। ऐसी भी बात सुनने में मिली कि नगरपालिका के कई पार्षदों ने कहां कि उन्हें कम दाम की डायरी पेन दिया गया है और भुगतान ज्यादा का किया गया।
बसंतराय जिला, प्रवक्ता, भारतीय जनता पार्टी – अध्यक्ष निधि में भारी भ्रष्टाचार किया गया है। ऐसा भ्रष्टाचार संभव है पूरे प्रदेश में नहीं हुआ है। नगर पालिका शिवपुर चरचा की बदनामी के जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ अध्यक्ष है। हम जांच व कार्रवाई की मांग करेंगे।
राजेश सिंह, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष, शिवपुर चरचा – महमूद गजनबी की तरह चरचा की जनता को छला जा रहा है। जनता के पैसों का बेहद दुरुपयोग हुआ है। निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
