कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मो. कैसर अब्दुल हक ने आज यहां बताया कि इस बार ईव्हीएम के साथ वीवीपैट मशीन में मतदाता द्वारा वोट डालने के बाद संबंधित प्रत्याशी का नाम, चुनाव चिन्ह और क्रमांक वाली पर्ची सात सेकंड तक दिखाई देगी। उन्होने बताया कि यह सुविधा चुनाव आयोग ने इसलिए की है ताकि मतदाताओं को पता चले कि उनका वोट उनके पसंद के उम्मीदवार को ही गया है। यदि मतदाता को शंका है तो रिटर्निंग अधिकारी संबंधित मतदाता से पोलिंग एजेंट और सहायक कर्मचारियों की उपस्थिति में49 एमए में घोषणा पत्र भरवाया जाएगा। इसे भरने के बाद मतदाता के हस्ताक्षर लिए जाएंगे। इसके बाद वीवीपैट मशीन को चेक किया जाएगा। मशीन चेक करने पर शिकायत सही पाई जाती है तो उक्त मशीन सेमतदान रूकवा दिया जाएगा। इस स्थिति में अगर मतदाता की शिकायत झूठी निकली तो धारा 177आईपीसी व 49 एमए के तहत चुनाव आयोग तत्काल प्रभाव से मामला दर्ज कराएगा और मतदाता को पुलिस के हवाले कर कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। इसमें 6 महिने का सश्रम कारावास होने का भी प्रावधान है।