कोरबा /विधानसभा निर्वाचन 2018 के दौरान मतदान ईव्हीएम मशीनों के जरिये होगा।पिछले बार से हटकर इस बार मतदाता अपने डाले गये वोट को मशीन के साथ जुड़ी वीवीपैट यूनिट में सात सेकंड तक देख सकेंगे।परंतु फिर भी ईव्हीएम मशीन से वोट देने केदौरान यदि मतदाता को कोई संशय हो तो वह इसे चुनौती दे सकते हैंयदि मतदाता यह दावा करता है कि उसने वोट किसी को दिया है और वह किसी अन्य उम्मीदवार को चला गया है।उस स्थिति में मतदाता को एक घोषणा-पत्र भरना होगा। इस आधार पर मतदाता के शिकायत पर जांच की जाएगी।अगर शिकायत सहीपाया जाता है तो दुबारा वोट करने दिया जाएगा लेकिनमतदाता का दावा झूठा साबितहुआ तो उसे 6 महिनेकारावास का प्रावधान भी कियागया है।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मो. कैसर अब्दुल हक ने आज यहां बताया कि इस बार ईव्हीएम के साथ वीवीपैट मशीन में मतदाता द्वारा वोट डालने के बाद संबंधित प्रत्याशी का नाम, चुनाव चिन्ह और क्रमांक वाली पर्ची सात सेकंड तक दिखाई देगी। उन्होने बताया कि यह सुविधा चुनाव आयोग ने इसलिए की है ताकि मतदाताओं को पता चले कि उनका वोट उनके पसंद के उम्मीदवार को ही गया है। यदि मतदाता को शंका है तो रिटर्निंग अधिकारी संबंधित मतदाता से पोलिंग एजेंट और सहायक कर्मचारियों की उपस्थिति में49 एमए में घोषणा पत्र भरवाया जाएगा। इसे भरने के बाद मतदाता के हस्ताक्षर लिए जाएंगे। इसके बाद वीवीपैट मशीन को चेक किया जाएगा। मशीन चेक करने पर शिकायत सही पाई जाती है तो उक्त मशीन सेमतदान रूकवा दिया जाएगा। इस स्थिति में अगर मतदाता की शिकायत झूठी निकली तो धारा 177आईपीसी व 49 एमए के तहत चुनाव आयोग तत्काल प्रभाव से मामला दर्ज कराएगा और मतदाता को पुलिस के हवाले कर कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। इसमें 6 महिने का सश्रम कारावास होने का भी प्रावधान है।
