कोरिया / बहुरूपया, जी हाॅ जिसका नाम लेने से ही मन में कई प्रकार के रंग और आकृतियाॅ विभिन्न वेषभूषा में धरे हुए नजर आने लगते है। लेकिन यह कला भारत के कुछ गिने चुने क्षेत्रों में ही आज देखने को मिलती है, या यूॅ कहे विलप्ती के कगार पर यह कला खड़ी हुई है। ऐसे में छ.ग. के कोरिया जिले कें चिरिमिरीवासियों ने इस कला को बचाये रखने का अनूठा प्रयास किया है।
बहुरूपया यानि के अनेक रूप धारण करने वाले शख्स, लेकिन क्या इन बहुरूपियों को पूरे देश में तवज्जों दी जाती है तो जवाब में शायद ना ही सूनने को मिले। लेकिन कोरिया जिले के चिरिमिरी में यूथ क्लब चिरिमिरी द्वारा इस कला को संजोये रखने का अनूठा एवं सराहनीय कदम उठाया जा रहा है जिसे देखने शहर के समस्त चौक चौराहा पर भारी भीड़ देखने को मिली।
साल के आगमान पर अयोजित इस प्रतियोगीता में लोगो ने तरह तरह के अपने प्रदर्षन किए। किसी ने भगवान का रूप धारण किया है तो किसी ने बॉर्डर में पत्थरबाजी और उससे हो रहे नुकसान को पर्दाशित किया, पर्यावरण संरक्षण का संदेश, स्वछता अभियान, तो कोई आदमखोर भालू के रूप में दिख रहा है।
इस दम तोड़ती कला में जिस प्रकार इन प्रतियोगियों ने भाग लिया है और बहुरूपिया प्रतियोगिता को जीवंत किया है जो निष्चित ही काबिले तारीफ है।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथी के रूप में पूर्व कलेक्टर ओपी चौधरी, विधायक विनय जायसवाल, निगम महापौर के डमरू रेड्डी, पूर्व विधायक श्याम विहारी जायसवाल, श्रमिक नेता बजरंगी शाही, भाजपा नेता दीपक पटेल, रामेश्वरम पांडेय, डॉ संजय सिंह, कांग्रेस प्रवक्ता प्रमोद सिंह इत्यादी उपस्थित हुए।
आयोजक मंडल के संजय सिंह, शाहिद महमुद, रीत जैन, राकेश परासर, अमरेश सिंह, लक्की परासर, रवि वर्मा, रमा पंडित एवं अन्य कार्यकर्ताओं ने सफल आयोजन किया।
