कोरिया / छत्तीसगढ़ सरकार के बजट 2019 पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा की छग सरकार के पूर्व के बजटों की अपेक्षा इस बार सबसे निराशाजनक बजट पेश हुआ है।
इसमें युवाओ, महिलाओ व् किसानो की घोर उपेक्षा की गयी है। साथ ही साथ चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ व् खड़गवां को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है। चिरमिरी नयी तहसील के सेटअप, चिरमिरी मनेन्द्रगढ़ साजापहाड़ सड़क के 12 किमी सड़क चौड़ीकरण, चिरमिरी-नागपुर हाल्ट स्टेशन नयी रेल लाइन के निर्माण हेतु 50 प्रतिशत राशि121 करोड़ के प्रावधान, संयुक्त जिला, मेडिकल कालेज, केंसर रिसर्च सेंटर हेतु जमीन आवंटन के बाद भी कोई सार्थक घोषणा बजट में न होने से क्षेत्रवासियों में काफी निराशा का माहौल व्याप्त है।
श्री जायसवाल ने आगे कहा की कांग्रेस पार्टी ने जनघोषणा पत्र में जो वादे किये है बजट देखकर आमजन अपने को ठगा सा महसूस कर रहे है। 1 लाख करोड़ के इस बजट में शिक्षित बेरोजगारो के लिए 2500 रूपए प्रतिमाह भत्ते देने व् महिला शक्तिकरण की ओर कोई विशेष जोर नहीं दिया गया है। वही किसानो की कर्जमाफी के नाम पर अल्पकालीन ऋण सहकारी व् ग्रामीण बैंक के माफ़ किये गये है। किसानो का दीर्घ कालीन व् मध्यकालीन ऋण व्यावसायिक बैंको में 40 हजार करोड़ है, उसके विरुद्ध मात्र 5 हजार करोड़ का प्रावधान निराशाजनक है। शिक्षाकर्मियों की नियमितीकरण व् अनुकम्पा नियुक्ति के साथ में सरकार ने बजट में कुछ नहीं किया है।
पुलिस कर्मियो का बिमा, साप्ताहिक अवकाश, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता, मितानिन, ग्राम पटेल और रसोइयो के नियमितीकरण के संबंध में कोई प्रावधान नही किया गया। प्रदेश के 85 प्रतिशत उपभोक्ता 400 यूनिट से ज्यादा बिजली खपत करते है। यूनिट निर्धारण करने पर समित लोगो को ही बिजली बिल हाफ का लाभ मिलेगा।
प्रदेश की कांग्रेस सरकार का बजट पूरी तरह से छग की जनाकांक्षाओं के अनुरूप नहीं होने से हर ओर निराशा का माहौल है। साथ ही मनेन्द्रगढ़ विधानसभा की उपेक्षा पिछली भाजपा सरकार के बजट में कभी नहीं हुई थी।
