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आतंकवादियों के साथ कोई रियायत नहीं बरती जाएगी, जहां हुए बलिदान मुखर्जी, वो कश्मीर हमारा है – अमित शाह

नई दिल्‍ली  / बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह ने रविवार को जम्‍मू में पार्टी के विजय संकल्‍प सम्‍मेलन को संबोधित किया. इस दौरान उन्‍होंने प्रदेश में फैले आतंकवाद और जम्‍मू-कश्‍मीर को अलग करने की बातें करने वालों पर जमकर हमला बोला. उन्‍होंने कहा कि जम्‍मू और कश्‍मीर भारत का अभिन्‍न अंग है. इसे भारत से कोई अलग नहीं कर सकता है. देश के विभिन्न राज्यों के 40 जवानों का खून जम्मू-कश्मीर की धरती पर बहा है। खून व्यर्थ नहीं जाएगा। मोदी सरकार चट्टान की तरह देश हित में खड़ी है। उन्‍होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को अपनाया है. आतंकवादियों के साथ कोई रियायत नहीं बरती जाएगी.

जम्मू कश्मीर की रक्षा के लिए जन संघ के अध्यक्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की इसी राज्य में हत्या हुई। भाजपा का संकल्प हैं कि कोई भी ताकत जम्मू-कश्मीर को छीन नहीं सकती। 2014 में भाजपा की सरकार केंद्र में सत्ता में आई और नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने। सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार ने आतंकवादियों को ईंट का जवाब पत्थर से दिया है।

अमित शाह ने कहा कि जम्मू और लद्दाख को पहले भेदभाव का सामना करना पड़ा. बीजेपी सरकार ने इन क्षेत्रों में विकास के दरवाजे खोले हैं. कांग्रेस, नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी, ये सभी परिवारवादी पार्टियां हैं. इन्होंने जम्मू-कश्मीर के विकास की बजाय अपने विकास के लिए काम किया है.

शाह ने कहा कि आमने सामने के बजाए सीआरपीएफ जवानों पर कायरतापूर्ण हमला कर जो समझते हैं कि इससे भारत की अखंडता को नुकसान पहुंचाया जाएगा वह यह समझ ले कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा हैं और रहेगा।

शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘राहुल गांधी कश्‍मीर के हालात पर सवाल उठाते हैं. इस पर मैं उनसे कहना चाहता हूं कि अगर आज जम्‍मू और कश्‍मीर के हालात पर सवाल उठ रहे हैं तो यह सिर्फ आपके परदादा जी जवाहरलाल नेहरू के कारण ही हुआ. जब हमारी सेना पा‍किस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर (पीओके) को जीतने जा रही थी तब किसने उसे रोका था? वह जवाहरलाल नेहरू थे.’

शाह ने आगे कहा कि सोनिया-मनमोहन की सरकार के समय 13वें वित्त आयोग के अंतर्गत मात्र 98 हजार करोड़ रुपये दिए गए थे. लेकिन मोदी सरकार ने 14वें वित्त आयोग के अंतर्गत 1 लाख 98 हजार करोड़ रुपये की धनराशि जम्मू कश्मीर के विकास के लिए दिए.

करीब 40 हजार पार्टी के कार्यकर्ताओं, पन्ना प्रमुखों और प्रदेश पदाधिकारियों व नेताओं ने रैली में हिस्सा लिया है। रैली का नाम श्रद्धांजलि सभा रखे जाने से पाकिस्तान और आतंकवाद के इर्द गिर्द ही शाह का संबोधन रहने के आसार हैं। भगवती नगर स्थित ग्राउंड पर पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद शाह का भाषण होगा।

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