रायपुर / यूपी के हाथरस जिले में एक इट भट्टे में बंधक बनाकर रखे गए लगभग 71 मजदूरों को छुड़वा कर छत्तीसगढ़ लाया गया है जानकारी के मुताबिक आरंग विधानसभा के चोरभट्टी गांव के 71 मजदूर जो की मजदूरी करने उत्तरप्रदेश ले जाया गया था। इमरान और परवेज़ नाम के ठेकेदार ने उन्हे यूपी भेजा था। लेकिन उसके बाद से वहां पर मजदूरों के साथ जानवरों जैसा बरताव किया जा रहा था।
विधानसभा में इस मुद्दे के उठने के बाद जिला प्रशासन ने टीम गठित की और उन्हें रायपुर से उत्तरप्रदेश भेजा गयाl जहा टीम ने पांच दिनों की कड़ी मस्सकत के बाद हाथरस गांव के इट भट्टे से सभी 71 मजदूरों को ठेकेदारों के चंगुल से छुड़वाया और उन्हें सुरक्षित रूप से रायपुर लेकर आ गए ।
आपको बतादें इससे पहले गरियाबंद जिले के 74 बंधकों को तेलंगाना के ईट भट्टों से छुड़ाया गया था। जिनमें महिलाओं के साथ 16 बच्चे भी शामिल थे। गरियाबंद से अधिकारियों की 7 सदस्यीय टीम तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले में बंधकों को छुड़ाने गई थी। जहां रेस्क्यू कर इन मजदूरों को छुड़ाया गया। गरियाबंद जिले के कुल्हाड़ी घाट, देवभोग, मैनपुर और छुरा इलाके के सैकड़ों गांवों से मजदूर काम के लिए बड़ी संख्या में पलायन करते हैं। इन्हीं में से करीब सौ से ज्यादा मजदूर तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले में काम के लिए गए थे।
लेकिन ठेकेदारों के माध्यम से मजदूरी करने गए ग्रामीणों को वहां बंधक बनाकर जानवरों की तरह काम लिया जा रहा था। कई मजदूरों ने वीडियो बनाकर गांव के लोगों को भेजा और अपनी मजबूरी बताते हुए प्रशासन से छुड़ाने के लिए गुहार लगाई थी।
