00 कांग्रेस के घोषणापत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुडे मुद्दों पर बीजेपी हमलावर
दिल्ली / बीजेपी ने कांग्रेस पर उसके घोषणापत्र को लेकर हमला तेज कर दिया है। कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में देशद्रोह कानून और अफस्पा को खत्म करने की बात कही है। राष्ट्रवाद और सुरक्षा को देश की पहली प्राथमिकता बता रही भाजपा अब कांग्रेस के घोषणा पत्र के ही जरिए उसे न सिर्फ देश के हितों से समझौता करने वाली बल्कि उन ताकतों को मजबूत करने का आरोप लगा रही है जो देश को तोडना चाहते है।
लोकसभा चुनाव के लिए मंगलवार को कांग्रेस पार्टी ने अपना घोषणापत्र जारी किया लेकिन इसमें पार्टी ने जिस तरह से देशद्रोह कानून खत्म करने, सेना और सुरक्षाबलों के विशेषाधिकार को कम करने के वादे किए गए हैं, उससे राष्ट्रीय सुरक्षा के मसले पर कांग्रेस पार्टी विरोधियों के निशाने पर आ गयी है। बीजेपी समेत तमाम दल इस मसले पर कांग्रेस को जमकर घेर रहे हैं। खुद प्रधानमंत्री नरेंद् मोदी पश्चिम बंगाल के सिलीगुडी में अपनी रैली में इस मसले पर कांग्रेस पर जमकर बरसे और कहा कि कांग्रेस का चुनावी घोषणापत्र आफ्सपा की समीक्षा की बात करता है जो सुरक्षाबलों को आतंकवादियों से रक्षा प्रदान करता है।
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी इस मसले पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कहा कि वो सत्ता में आने पर वह देशद्रोह से संबंधित धारा को सीआरपीसी से हटाने की बात कही है। शाह ने कहा कि राहुल गांधी भले ही आफस्पा हटाने की बात कह रहे हों लेकिन वो ऐसा नहीं कर सकते क्योंकि बीजेपी इसके खिलाफ चटटान की तरह खडी है।
दरअसल कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में कुछ कानूनों को हटाने की बात कही है। इसमें देशद्रोह को अपराध बताने वाली भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए को खत्म करने , सशस्त्र बलों को मिले विशेष अधिकार से जुडे कानून आफ्सपा के तहत सुरक्षा बलों के अधिकार को कम करने तथा सीआरपीसी के कानूनों को हल्का करने जैसी बातें शामिल हैं । इसके अलावा पार्टी जमानत की प्रक्रिया को आसान बनाने की बात कही है । पार्टी का कहना है कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता और संबधित कानूनों को इस सिद्धान्त के तहत संशोधित करना है कि जमानत एक नियम है और जेल अपवाद।
बीजेपी ने पूछा है कि ऐसे बदलाव करके कांग्रेस किसको बचाना चाहती है। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस को वोट बैंक की राजनीति के लिये इतना नीचे नहीं गिरना चाहिए और देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस अलगाववादियों को बढ़ावा देने के साथ ही सेना के मनोबल को नीचा दिखाने की कोशिश कर रही है।
इससे पहले मंगलवार को अरुण जेटली ने कहा था कि हालांकि कांग्रेस ने घोषणा पत्र बनाने के लिए एक ड्राफ्टिंग कमेटी बनाई थी, लेकिन ऐसा लगता है कि घोषणा पत्र के कुछ अहम बिंदुओं को टुकड़े-टुकड़े गैंग में मौजूद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के दोस्तों ने तैयार किया है। बुधवार को भी अरुण जेटली ने एक ट्वीट कर कहा लेफ्टीनेंट जनरल डी एस हुड्डा ने 31मार्च 2019 को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अपनी रिपोर्ट सौंपी। क्या राष्ट्रीय सुरक्षा पर कांग्रेस घोषणापत्र में जो विवादित वादे किए गए हैं उनमें से कुछ हुड्डा की रिपोर्ट में सुझाए गए थे। ऐसा लगता है कि कमेटी केवल दिखावे के लिए थी।
कुल मिलाकर ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस के अपने चुनावी वादे ही उसके लिए मुसीबत बन रहे हैं।
