कोरिया / प्रदेश में पूर्ववर्ती सरकार के दौरान सत्ता के लालच में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आये कांग्रेसियो ने आज घर वापसी कर ली। घर वापसी के बाद सोशल मीडिया में लोग जमकर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं।
बता दे कि पुराने कांग्रेसी रियाज अहमद और रामधन देवांगन ने आज पूर्व केंद्रीय मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत के समक्ष कांग्रेस प्रवेश किया। दोनों नेताओं के कांग्रेस प्रवेश पर कांग्रेसियो ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि इससे पार्टी और मजबूत होगी तो वहीं भाजपाइयों ने कहा कि वे मौक़ापरस्त लोग थे जो किसी पार्टी के नही हो सकते।
उल्लेखनीय है कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के कार्यकाल में रामधन देवांगन ने पूर्व मंत्री भैयालाल राजवाड़े का खास बनने के बाद भाजपा प्रवेश किया था। पूरे पांच वर्ष भाजपा के पुराने कार्यकर्ता को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने लाल बत्ती सरकारी वाहन का जमकर आनंद लिया। हर शासकीय मंच और पार्टी कार्यक्रम में शामिल होकर सत्ता का पूरा आनंद लिया उन्हें पूर्व मंत्री भैयालाल राजवाड़े का सिपहसालार माना जाता था यहां तक कि श्री राजवाड़े के दौरे के बाद देर रात्रि में शासकीय वाहन उन्हें छोड़ने तक उनके घर जाया करती थी।
भाजपा सरकार में मंत्री का खास होने के नाते उन्होंने विधायक मद से लेकर, डीएमएफ आदि अनेक मदों के कार्य मे अघोषित ठेकेदारी भी किया। बताया जाता है कि श्री देवांगन ने इसी दौरान चार पहिया वाहन भी पूर्व मंत्री जी की कृपा से खरीदी थी। रोज – रोज नए कुर्ता और जैकेट पहनने के शौकीन रामधन देवांगन ने श्री राजवाड़े के साथ सक्रियता दिखाते हुए जितना फायदा ले सकते थे लेने का प्रयत्न भी किया। बीते विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपने गृह क्षेत्र में भाजपा का प्रचार भी किया लेकिन उनसे जनता का ऐसा मोह भंग हुआ कि भाजपा को मुह की खानी पड़ी श्री देवांगन के गृह ग्राम में भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। अब सत्ता बदलते ही रामधन देवांगन के सुर बदलने लगे और उन्होंने अंततः कांग्रेस प्रेम दिखाते हुए घर वापसी कर ली। हालाकिं लोग उनके प्रवेश पर निंदा भी कर रहे हैं और उन्हें सत्ता के लालची भी बता रहे हैं।
इसी प्रकार कभी कांग्रेस के मंच से जमकर भाजपा के खिलाफ भड़ास निकालने वाले पुराने कांग्रेसी रियाज अहमद ने भी पिछले साल ही भाजपा प्रवेश किया था। वे भी जब तक सत्ता रही तब तक पूर्व मंत्री का खास बने रहे यहां तक कि वे हर कार्यक्रम में शामिल हुआ करते थे और अपने मुंह से श्री राजवाड़े की तारीफ करते फिरते थे। श्री अहमद ने भी डॉ.महंत के सामने कांग्रेस प्रवेश किया।
बताया जाता है कि पिछले वर्ष जब श्री अहमद को तात्कालिक श्रम मंत्री द्वारा भाजपा प्रवेश कराने के बाद बैकुंठपुर आगमन पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह से विश्राम भवन में मुलाकात कराया गया। उसके बाद रियाज अहमद यह कहकर फफककर रो पड़े थे की मैं इतने वर्षों से कांग्रेस में रहा लेकिन किसी कांग्रेसी मुख्यमंत्री से इस प्रकार मुलाकात का अवसर नही मिला। लेकिन आज भाजपा में आने के बाद मुख्यमंत्री से मिलने का मौका मिला है। उसके बाद भी रियाज अहमद ने घर वापसी कर लिया।
दोनों नेताओं के घर वापसी के बाद लोग जमकर आरोप लगा रहे हैं। सोशल मीडिया में उन्हें बिन पेंदी का लोटा से लेकर तमाम तरह की संज्ञा दे रहे है तो वहीं पार्टी में ही पूर्व मंत्री के विरोधी भी दबी जुबान से आक्रोश जाहिर कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब सत्ता में थे तब श्री राजवाड़े ने भाजपा कार्यकर्ताओं को एकदम तवज्जो नही दिया, सिर्फ कांग्रेसियो को उपकृत किया। सत्ता के लालच में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आये नेताओ को उन्होंने पूरे पांच साल सत्ता का लाभ दिलाया, जिसके कारण भाजपा के पुराने कार्यकर्ता पार्टी से दूर हो गए और मन लगाकर विधानसभा चुनाव में भी काम नही किया। जिससे भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। राजवाड़े विरोधी नेताओ का कहना है कि आज कांग्रेस में वापसी कर रहे ये दोनों नेता उनके सिपहसालार के रूप में काम किया करते थे। कांग्रेसी नेताओं की कमी और कमजोरी बताकर श्री राजवाड़े को खूब लाल किया करते थे और सत्ता रहते तक उनके साथ सक्रिय रहे लेकिन अब सत्ता जाते ही दोनों की घर वापसी उनका चरित्र उजागर करती है।
हालांकि अब देखने वाली बात होगी कि इन दोनों नेताओं की वापसी से कांग्रेस को कोई फायदा होता है या भाजपा के पुराने कार्यकर्ता उत्साहित होते हैं क्योंकि कहा जा रहा है कि दोनों नेताओं के कारण पार्टी को भी बहुत नुकसान उठाना पड़ा है उनका जाना ही शुभ संकेत है।
