कोरिया चिरमिरी / रेलवे डिवीजन बिलासपुर के पूर्व डीआरयूसीसी सदस्य वरिष्ठ अधिवक्ता विजय प्रकाश पटेल ने रेलवे प्रशासन द्वारा चिरमिरी-दुर्ग की तीन बोगियां एवं चिरमिरी-भोपाल का एक स्लीपर कोच के संचालन को 30 अप्रैल से बंद कर देने के जनविरोधी निर्णय का प्रबल विरोध करते हुए उपरोक्त निर्णय अविलम्ब वापस लेने हेतु दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर जोन के महाप्रबंधक सुनील सिंह सोईन एवं डीआरएम आर. राजगोपाल को ज्ञापन प्रेषित किया है।
प्रेषित ज्ञापन में उल्लेखित किया गया है कि दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के सीटीपीएम सी. वेणुगोपाल ने 15 अप्रैल को जारी अपने कार्यालयीन पत्र में यह सूचना प्रेषित की है कि रात्रिकालीन सेवा होने के कारण संभावित दुर्घटनाओं के मद्देनजर चिरमिरी-दुर्ग एवं चिरमिरी-भोपाल के लिए चलाई जा रही बोगियां 30 अप्रैल से बंद कर दी जाएंगी जिसकी जानकारी मिलने से कोयलांचल में तीव्र असंतोष एवं आक्रोश व्याप्त है, क्योंकि चिरमिरी-मनेन्द्रगढ़ रेल सेक्शन में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के लिए एकमात्र स्लीपर कोच बिना किसी जनशिकायत व हादसों के संचालित है। दूसरी ओर पृथक छत्तीसगढ़ राज्य बनने के पूर्व से नई राजधानी रायपुर के लिए एक यात्री ट्रेन की सुविधा का क्षेत्रवासियों द्वारा अनवरत् मांग किए जाने पर तत्कालीन रेल प्रशासन द्वारा चिरमिरी से रायपुर के लिए नई यात्री ट्रेन देने का आश्वासन दिया गया था, किंतु प्रशासन द्वारा अम्बिकापुर-दुर्ग के मध्य संचालित यात्री ट्रेन में चिरमिरी से एक स्लीपर कोच सहित तीन बोगियां सम्बद्ध कर क्षेत्रवासियों के जनांदोलन को शांत कर दिया गया था, अर्थात् उपरोक्त बोगियां हमें नई ट्रेन के संचालन के एवज में दी गई थी, इसलिए ये बोगियां क्षेत्रवासियो के लिए मात्र बोगियां न होकर एक सम्पूर्ण यात्री ट्रेन की तरह चिरमिरी से संचालित हैं। यह रेल सेवा इतनी आवश्यक है कि टिकटों की बिक्री का सेंशस देखकर रेलवे प्रशासन भलीभांति इस सर्वाधिक पुराने रेलखण्ड में इन बोगियों की जरूरत को महसूस कर सकता है। श्री पटेल ने रेलवे प्रबंधन को आगाह करते हुए उन्हें चेतावनी दी है कि लम्बित नई रेल सुविधाएं मुहैया कराए जाने के बजाय पुरानी सुविधाओं को छीना जाना कोयलांचलवासी कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे, क्योंकि आज तक इन यात्री ट्रेनों के संचालन को लेकर किसी भी यात्री द्वारा कभी भी न तो कोई शिकायत दर्ज कराई गई है और न ही अब तक कोई यात्री किसी हादसे का ही शिकार हुआ है।
पूर्व डीआरयूसीसी सदस्य ने रेलवे प्रबंधन से आग्रह किया है कि यदि इन बोगियों का संचालन रेलवे प्रबंधन बंद करना चाहता है तो उसके पूर्व दुर्ग अथवा नागपुर (महाराष्ट्र) तक एक नई यात्री ट्रेन का संचालन चिरमिरी-मनेन्द्रगढ़ रेल सेक्शन से अविलम्ब प्रारंभ करे अथवा चिरमिरी-बिलासपुर के मध्य संचालित यात्री ट्रेन नं. 58219-58220 को आगे दुर्ग-नागपुर तक विस्तारित कर संचालित करे, अन्यथा ऐसेे जनविरोधी मनमाने ढंग से थोपे गए निर्णय यदि वापस नहीं लिए गए और कोई भी यात्री सुविधा बंद की गई तो रेलवे प्रशासन तीव्र जनान्दोलन का सामना करने को तैयार रहे, जिसके किसी भी परिणाम अथवा अप्रिय घटना के लिए रेलवे प्रबंधन ही जिम्मेदार होगा।
