बिलासपुर जोगी परिवार की मुश्किलें कम होने का नाम नही ले रही है। अमित जोगी के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के खिलाफ गौरेला थाने में धारा 420 467 471 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
जिसमें उनके द्वारा कूटरचना कर दस्तावेज तैयार करने का अपराध पंजीबद्ध किया गया है। इस मामले में भी शिकायतकर्ता समीरा पैकरा है जिसने कल गौरेला के पूर्व नायब तहसीलदार द्वारा बिलासपुर में दिए गए शपथ पत्र को आधार बनाकर मामला दर्ज कराया है। वही गौरेला पुलिस ने समीरा पैकरा की शिकायत पर अजीत जोगी के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई है।
इन दिनों जोगी परिवार की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही है जहां 2 दिन पूर्व अमित जोगी की जमानत याचिका खारिज होने के बाद उन्हें न्यायालय द्वारा 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है तो गौरेला थाने में अजीत जोगी के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया गया।
मामला दर्ज करने का आधार दिनांक 4 सितंबर 2019 को बिलासपुर में पेंड्रारोड के तत्कालीन तहसीलदार पतरस तिर्की द्वारा जारी शपथ पत्र को बनाया गया जिसमें तिर्की ने अजीत जोगी के पक्ष में जारी जाति प्रमाण पत्र में अपने हस्ताक्षर ना होने की बात कहते हुए कहा कि उस समय तहसील अस्तित्व में ही नहीं था और न ही मैंने कभी अजीत जोगी का कोई जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया है और यदि कोई जाति प्रमाण पत्र अजीत जोगी के पक्ष में आता है तो उसे झूठा माना जाए, इसी को आधार बनाते हुए भाजपा नेत्री समीरा पैकरा ने गौरेला थाने में शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद उनके खिलाफ 420 467 471 आईपीसी की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया वहीं वही जोगी ने भी पतरस तिर्की के द्वारा दिए गए शपथपत्र को फर्जी बतलाते हुए दो अलग-अलग शपथ पत्र प्रस्तुत किए जिसमें कल जारी शपथ पत्र में उन्होंने जाति प्रमाण पत्र में अपने हस्ताक्षर ना होने का शपथ करी है तो वहीं 6 मार्च 2002 को उन्होंने एक शपथ पत्र जारी किया है था जिसमें उन्होंने अजीत जोगी को जारी शपथ पत्र में अपने हस्ताक्षर होने स्वीकार करने के साथ-साथ नियमानुसार जाति प्रमाण पत्र जारी करने की बात स्वीकार की है।
फिलहाल गौरेला पुलिस अजीत जोगी के खिलाफ दर्ज हुए मामले में आगे की कार्यवाही में जुट गई है।
