Advertisement Carousel

जेसीसी सुप्रीमो अजीत जोगी की जाति मामले में फिर आया नए मोड़ ….?

बिलासपुर / जेसीसी सुप्रीमो अजीत जोगी की जाति मामले में रोजाना नए मोड़ आ रहे हैं। जहां एक ओर तत्कालिक नायब तहसीलदार पतरस तिर्की का शपथ पत्र सामने आया था, जिसमे यह दावा किया था, कि उस समय पतरस तिर्की पेंड्रा में पदस्थ नहीं थे साथ ही तब के समय में वहां पर नायब तहसीलदार का ऑफिस ही नहीं खुला था। हालांकि इस बात को स्पष्ट नहीं किया गया था कि ये शपथ पत्र पतरास तिर्की ने दी है। इस शपथ पत्र के आधार पर गुरुवार देर रात समीरा पैकरा की शिकायत पर गौरला थाने में एफआईआर भी दर्ज की गई थी।

इसी बीच शुक्रवार को पतरस तिर्की का एक और शपथ पत्र सामने आया है। इस शपथ पत्र में पतरस तिर्की ने कहा है, कि 29 अगस्त 1998 को और 23 जून 1966 से अक्टूबर 1968 तक मैं नायब तहसीलदार के पद पर गौरेला में पदस्थ था, और अजीत जोगी को मैने ही जाति प्रमाण पत्र जारी किया था, मैने ही प्रमाणित किया था कि जोगी कंवर जाति के हैं। पतरस तिर्की ने लिखा है, कि अजीत जोगी के पिता केपी जोगी अनुसूचित जाति के अंतर्गत कंवर जाति के थे। इसी आधार पर और तब के प्रचलित नियमों के आधार पर ही अजीत जोगी को कंवर जाति का प्रमाण पत्र जारी किया गया है। बताया जा रहा है, कि तिर्की ने रिटायर्ड संयुक्त कलेक्टर के रूप में 29 अगस्त 1998 को इस शपथ पत्र को दिया था।

error: Content is protected !!