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जमीन फर्जीवाड़ा मामला – विधानसभा अध्यक्ष और प्रभारी मंत्री से हुई शिकायत, कहा – नटवरलाल के खिलाफ SIT गठित कर जांच कराए, डिप्टी कलेक्टर का जांच प्रतिवेदन भी सौपा…..

कोरिया / स्टेडियम के भूमि पूजन कार्यक्रम में कोरिया जिला मुख्यालय पहुँचे छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डाॅ.चरणदास महंत एवं नगरीय प्रशासन, कोरिया प्रभारी मंत्री डाॅ. शिव डहरिया से नागरिक एकता मंच ने मुलाकात कर भू माफिया मां वैष्णो एसोसिएट प्रा0 लिमि० के संचालक संजय अग्रवाल के द्वारा कुट रचित दस्तावेज के द्वारा अरबों रुपए के घोटालों के विरुद्ध विशेष जांच दल बनाकर जांच कराने ज्ञापन सौपा।


नागरिक एकता मंच ने ज्ञापन के माध्यम से लिखा है कि मां वैष्णो एसोसिएट के संचालक सीमा अग्रवाल / संजय अग्रवाल बैकुण्ठपुर की बेशकीमती शासकीय जमीन जो कि नेशनल हाईवे के किनारे स्थित है जो लगभग 3 एकड़ है जिसका मूल्य लगभग 20 से 25 करोड रूपए है को अपनी बंजर भूमि बैकुण्ठपुर से 04 किं0मी० दूर कब्रिस्तान के बगल में हैं कूटरचित एवं फर्जी दस्तावेजों के द्वारा अपने नाम कराने प्रयास किया। जिसका पता चलते ही हम लोगों ने सर्वदलीय नागरिक एकता मंच बनाकर 2017 में विरोध किया और उसके द्वारा फर्जी दस्तावेज बनाया गया है जिसका प्रमाण हमारे पास है। जिसमें दस्तावेज में शामिल पंचनामा, पटवारी प्रतिवेदन में भूमि का मूल्य, नगरपालिका का अनापत्ति प्रमाण पत्र फर्जी है। हमारे विरोध के बाद सन् 2017 में भूमि प्रकरण वापस लेने का आवेदन श्रीमान् कलेक्टर महोदय को देकर हम लोगों का आन्दोलन समाप्त करा दिया गया था। परन्तु इसके बाद उसी भूमि को 2018 में राजस्व मण्डल में फर्जी जानकारी देकर “जिला प्रशासन द्वारा कराए गए 30 लाख की बाउंड्ी एवं समतलीकरण कार्य को अपने द्वारा किया गया बताकर” अपने नाम करा ली गई। इसी प्रकार दूसरे मामले में जेल विभाग की लगभग 03 एकड जमीन फर्जी दस्तावेज के माध्यम से अदला-बदली कर उस जमीन में अवैध फ्लैट बनाकर 35 से 40 लाख रूपए मूल्य में बिक्री कर दिया गया है जबकि किसी भी शासकीय विभाग को आवंटित की गई जमीन की अदला-बदली नहीं की जा सकती। सिवाय उस जमीन के जिस जमीन का अधिकार राजस्व विभाग के पास निहित है इस प्रकरण में भी बिल्डर द्वारा नगरपालिका का अनापत्ति प्रमाण पत्र एवं जेल विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र फर्जी है। इसी प्रकार ग्राम खोली में निस्तारी तालाब के आधे तालाब में अपना पक्का बाउंडी कराकर कब्जा कर लिया गया है। जबकि पूरा गांव पिछले 50 वर्षों से उक्त निस्तारी तालाब का उपयोग करता आ रहा है। आंदोलन के दौरान इस दीवाल को तत्कालीन कलेक्टर के द्वारा तोड़ने का आदेश कर दिया गया था। जो कि आर०्सी०सी0 बाउंड्री होने के कारण और छोटी मशीन होने की वजह से नहीं तोडा जा सका। उस वक्त एस०एस० मरकाम के द्वारा आश्वासन दिया गया था कि, कुछ समय पश्चात् बड़ी मशीन से उक्त दीवाल तोड़वा दिया जाएगा, पर ऐसा नही हुआ। चौथे प्रकरण में एक आदिवासी की काबिज जमीन पर कूटरचना कर अपने नाम करा लिया गया एवं उसमें बने मकान को अपने गुर्गों से तोड़वा दिया गया है। जिस प्रकरण में डिप्टी कलेक्टर द्वारा जाच किया गया। उक्त प्रकरण में अपराध पंजीबद्ध है। डिप्टी कलेक्टर द्वारा अपने जांच प्रतिवेदन में इसके द्वारा प्रस्तुत मृत्यु प्रमाण पत्र, वारिस एवं मुख्तार नामा प्राप्त व्यक्ति के दस्तावेज, भूमि रजिस्ट्री के दस्तावेज डिप्टी कलेक्टर द्वारा संदेहास्पद पाया गया है एवं अग्रिम कार्यवाही करने की अनुशंसा की गई है। इसी प्रकार महलपारा में स्थित सिंचाई विभाग द्वारा निर्मित नहर को इसके द्वारा पाट कर भूमि का विक्रय कर दिया गया है। इसी प्रकार बिल्डर द्वारा बनाए गए मकानों की अनुमति फर्जी दस्तावेजों द्वारा लिया गया है। इसके द्वारा नगर पालिका बैकुंठपुर में 41200 रुपए की रसीद कटाई गई और नगर निवेश में इसी रसीद नंबर 841200 रूपए जमा किए जाने की जानकारी देकर अनुमति प्राप्त की गई है।
उक्त बिल्डर द्वारा पूर्व में सरकारी सप्लाई का कार्य किया जाता था उसके द्वारा अपने जमीन में फर्जी फैक्ट्री लगाकर टाटपट्टी एवं गद्दे का प्रदेशभर में अरबों रुपये की आपूर्ति की गई इसके द्वारा फैक्ट्री में उपत्त सामान का निर्माण किया जाना बताया जा रहा है, जबकि इसके द्वारा कोई फैक्ट्री संचालित ही नहीं है। बाद में इसके द्वारा फैक्ट्री की मशीनों को कबाड में बेचना बताया जा रहा है। इसकी जांच आप इसके द्वारा बनाए गए सामानों के विरुद्ध खपत की गई बिजली एवं इसके द्वारा अदा की गई बिजली बिल राशि जांच द्वारा पता किया जा सकता है। इसी प्रकरण पर खादी ग्रामोउद्योग के अध्यक्ष अधिकारी / कर्मचारी बर्खास्त किए गए थे। जिसमें से दो अधिकारियों का हृदयाघात के कारण देहांत हो चुका है।
इसी प्रकार चेर में स्थित चारागाह की लगभग 02 एकड़ भूमि अपने नाम फर्जीवाड़ा कर करा लिया गया है। ये चन्द प्रकरण तो उदाहरण स्वरूप है। यदि इसकी गहन जांच कराई जाए तो इस नटवर लाल द्वारा किए गए अन्य कई कारनामे उजागर हो सकते है। बिल्डर द्वारा मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक चले जाओ मेरा कुछ नहीं होगा मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता इस प्रकार की धमकी दी जाती है।


नागरिक एकता मंच ने आगे लिखा है कि इस नटवरलाल के खिलाफ एक एसआईटी गठित कर गहन जांच कराने की मांग की है।
नगरिक एकता मंच ने ज्ञापन के साथ डिप्टी कलेक्टर सुमन राज का जांच प्रतिवेदन भी सलंग्न किया, ताकी इस पुरे मामले को मंत्रीद्वय आसानी से समझ सके और कार्यवाही कर सके।
डिप्टी कलेक्टर जांच प्रतिवेदन………..

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