राजनांदगांव / जनपद पंचायत मोहला के सभागार कक्ष में जय प्रकाश मौर्य कलेक्टर राजनादगांव की अध्यक्षता एवं श्रीमती तनुजा सलाम मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत राजनादगांव की उपस्थिति में वन धन विकास केन्द्रों की कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में कलेक्टर तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत द्वारा जिला स्तर पर स्थापित होने वाले चार विकास खंड, मोहला, मानपुर, छुरिया तथा अंबागढ़ चौकी के पांच वन धन विकास केंद्रो के संग्राहकों के साथ विस्तारपूर्वक चर्चा की गई, जिसमें समस्त वन धन केंद्रों में पाए जाने वाले उत्पाद के बारे में संग्रहको से जानकारी ली गई, जिसमें यह पाया गया कि जिले में मुख्यतः महुआ फूल, महुआ फल, चार, इमली बहुतायत मात्रा में पाए जाते हैं और संग्रहण करने वाले किसान जानकारी के अभाव में ओने-पौने दाम पर गांव एवं छोटे कस्बे स्तर के कोचीओ को बेच देते है, जिससे संग्राहकों को सही लाभ नहीं मिल पाता है ।
वन धन विकास योजना का मुख्य उद्देश्य संग्रहको को उनके वन उत्पाद का सही दाम एवं बाजार उपलब्ध कराना है, जिसके अंतर्गत संग्रहको के द्वारा एकत्र की गई वन उपज को अपने समूह में बेचेंगे, समूह द्वारा प्रचुर मात्रा में सामग्री एकत्र होने के उपरांत बड़े शहरों एवं व्यापारियों को बेचा जाएगा, जिससे उनको सही लाभ मिल सकेगा ।
साथ ही कलेक्टर द्वारा बताया गया कि जिला से इन वन धन केंद्रों को आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें प्रशिक्षण, भंडारण कक्ष, बैठक कक्ष इत्यादि होंगे, जिससे उत्पाद को सही जगह संग्रहित किया जा सकेगा एवं बाजार का मूल्य बढ़ने के बाद इसको बेचने हेतु भेजा जाएगा । साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इन सब चीजों में परिवहन में ज्यादा खर्च होने के कारण लाभ कम प्राप्त हो पाता है, इसलिए सभी संग्राहक ज्यादा से ज्यादा अपने साइकिल या स्वयं के वाहनों का उपयोग करें, जिससे परिवहन की लागत को कम किया जा सके ।
अंत में श्रीमती तनुजा सलाम, सीईओ, जिला पंचायत के द्वारा भी योजना के बारे में सभी सदस्यों को जिला पंचायत से पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत, मानपुर, मोहला, चैकी, वन विभाग एवं अन्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा एन.आर.एल.एम. के जिला एवं विकास खंड के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

