00 SECL जीएम, ई एण्ड एम और एमएम की सप्लायर के साथ साठगांठ
00 सालों से लगाते आ रहे SECL को करोड़ों की चपत
कोरिया / कोल इंडिया की सहायक मिनी रत्न कम्पनी एसईसीएल द्वारा करोड़ो रुपयों के पार्ट्स खरीदी में घोटाले का पर्दाफास हुआ है।
जी हां हम बात कर रहे है एसईसीएल के हसदेव एरिया की जहाँ पर कमेटी बनाकर सामानों की खरीदी की जाती है। जिसमे कमेटी के मेंबर इंजिनियर मिलकर घोटाले को अंजाम देते है। इन सभी बातों का खुलासा करते हुए पत्रकार व RTI कार्यकर्ता अब्दुल सलाम कादरी बताया कि
बता दे कि सूचना का अधिकार के तहत दस्तावेजों की लड़ाई लम्बी रही हैं, लगातार 2 सालो तक की लम्बी लड़ाई के बाद आवेदन को दस्तावेज उपलब्ध हो सके हैं। इस दौरान केंद्रीय सूचना आयोग ने हसदेव एरिया के लोक सूचना अधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल जानकारी दिलाई और एक मिसाल कायम किया। वही केंद्रीय सूचना आयुक्त ने यह भी आदेश दिया कि अगर कमेटी पर्चेसिंग नही होती है तो सभी इंजीनियर एक शपथ पत्र दे कि कमेटी पर्चेस नही होता है।
प्राप्त दस्तावेज में पाया गया कि जो समान 10 से 20 रुपए में खरीदा जा सकता था उसे अंडर 2 लाख तथा कमेटी बनाकर 200 से 300 गुना रेट में खरीदा जाता है और सप्लायर के मार्फ़त हर टेबल पर 2 से 5 परसेंट और 10 से 20 परसेंट कमीशन लिया जाता है। फिर भी सप्लायर को 50 पर्सेंट से ज्यादा की बचत गलत तरीको से होती है। जिसमे हसदेव एरिया के जीएम, ई एण्ड एम और एमएम को 5, 5 परसेंट कमीशन टीसीआर साइन करने के लिए सप्लायरों द्वारा दिया जाता है।
किसी भी समान को खरीदने के लिए एसईसीएल द्वारा बनाये नियमो के तहत कमेटी बनाई जाती है जिससे माइंस में लगने वाले जरूरी उपकरण की खरीदी की जा सके। लेकिन हसदेव एरिया में नियमो के बिना जरूरी पार्टस की खरीदी की जाती है और फिर बाद में उस पार्ट्स को गोदाम में सड़ने के लिए रख दिया जाता है यही नही फाइलों में तो समान खरीद ली गई पर वो समान हकीकत में कही नजर नही आता है।
ऐसा ही मामला एच डीपी पाइप, प्लास्टिक पीवीसी पाइप एच एस डी आयल, इयर प्लग, डस्ट मास्क की खरीदी का हैं। जिसमे लगभग 50 लाख से 1 करोड़ तक कि खरीदी होना पाया गया। जिसकी शिकायत विजिलेंस को की गई थी। विजिलेंस ने इन सभी मामलों में जांच किया और फाइलों को दबा दिया। ऐसे में एसईसीएल के विजिलेंस पर सवालिया निशान लग चुके है की उन्होंने पूरे 3 सालो से इस मामले को क्यो दबाया हुआ है। आवेदक द्वारा इस मामले में दिल्ली मुख्य केंद्रीय सतर्कता आयोग के चीफ से इस बारे में बात की उनका कहना है कि यदि ऐसा हुआ है तो इसकी जांच जरूर की जाएगी।
यही नही हसदेव एरिया सहित चिरमिरी, बैकुंठपुर, बिश्रामपुर, भटगांव, कोरबा, दीपिका, कुसमुंडा, गेवरा, रायगड़, कोतमा एरिया, सोहागपुर, जोहिला एरिया में सभी सब एरिया इंजीनियर और मैनेजरो की मिली भगत से अंडर 2 लाख रुपयों की पार्टस के नाम पर फाइल बनाकर एसईसीएल को लूटा जा रहा है जिस पर लगाम लगाने की सख्त आवश्यकता है।
