कोरिया / केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ देश के 10 सेंट्रल ट्रेड यूनियन ने सर्वसम्मति से 8 जनवरी को हड़ताल करने का फैसला लिया है।
इस संबंध में औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 221 के तहत एसईसीएल के समस्त खदानों में एक दिवसीय हड़ताल करने के लिए कोयला खदानों में कार्यरत श्रम संगठन एटक यूनियन एचएमएस यूनियन इंटक यूनियन व सिटी यूनियन के द्वारा नोटिस दिया गया।
हड़ताल को सफल बनाने हेतु चरचा कालरी के साकेत सदन भवन में समस्त श्रम संघों के द्वारा विशाल कन्वेंशन का आयोजन किया गया। जिसमें हरिद्वार सिंह एसईसीएल केंद्रीय महामंत्री एटक यूनियन जितेंद्र सिंह सोढ़ी महासचिव सीटू यूनियन, अजय विश्वकर्मा केंद्रीय अध्यक्ष एटक यूनियन, हरि यादव क्षेत्रीय अध्यक्ष एचएमएस यूनियन बैकुंठपुर क्षेत्र ,देवेंद्र मिश्रा महामंत्री एचएमएस यूनियन बिश्रामपुर, ललन सोनी सीटू यूनियन विश्रामपुर, महेश श्रीवास्तव कंपनी वेलफेयर बोर्ड सदस्य सीटू यूनियन, एसएन विश्वकर्मा एटक यूनियन बैकुंठपुर क्षेत्र , हेमसागर यादव इंटक यूनियन, एमएच खान अध्यक्ष एटक यूनियन, इंद्रजीत पाल ,रियाज अहमद, कांग्रेश पोलाई ,जागृत कुर्रे ,महेश यादव ,लकी सिंह सोढ़ी ,लाल बहादुर सिंह सहित बैकुंठपुर क्षेत्र चिरमिरी क्षेत्र बिश्रामपुर क्षेत्र भटगांव क्षेत्र के सैकड़ों श्रम संघ प्रतिनिधि उपस्थित हुए।
संयुक्त कोयला मजदूर संघ के एसईसीएल केंद्रीय महामंत्री हरिद्वार सिंह ने जनप्रतिनिधियों व श्रम संघ पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार श्रमिक विरोधी सरकार है और श्रमिकों के प्रति दमनकारी रवैया अपना रही है देश में रोजगार के अवसर पूरी तरह खत्म कर दिए जा रहे हैं दो करोड़ लोगों को प्रतिवर्ष रोजगार देने का वादा करने वाली झूठी सरकार की सच्चाई आपके सामने हैं केंद्र सरकार की नीतियों का पुरजोर विरोध करते हैं चारों श्रम संघों के लोग हाथ में हाथ डालकर हड़ताल करेंगे तो इंकलाब आ जावेगा हड़ताल से बैंक रेलवे ,बिजलीघर ,थर्मल पावर सहित कई कल कारखाने बंद हो जाएंगे 8 जनवरी को देश के 20 करोड लोग हड़ताल पर जाएं,गे संघर्ष का यह एक चीज आप अपने विराट रूप में आएगा और प्रशासन को अपने कदम पीछे हटाने पड़ेंगे। श्रमिक हित की रक्षा एवं श्रमिक सुविधाओं के विस्तार के लिए आपको एक जागरूक नागरिक का परिचय देना है फिल्म मजदूरों की हड़ताल का सीधा असर देश के विकास पर पड़ता है सिंहासन हिल उठता है। हरिद्वार सिंह ने शायराना अंदाज में कहा कि** यूं ही खामोश रहोगे तो जिओगे कैसे, खामोशी से कभी जुर्म का दौर घटा है क्या** इसलिए इंद्र सरकार के द्वारा किए जा रहे जुर्म और अत्याचार के विरोध में 8 जनवरी की हड़ताल को सफल बनाना है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी सीटू यूनियन के प्रखर वक्ता जितेन सिंह सोढ़ी ने कहा कि एनआरसी और सीए एक ही आग में देश जल रहा है सरकार को जो काम करना चाहिए वह उस से भटक रही है और दूसरा मुद्दों में जनता को उलझा रही है देश के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं आपके बारे में संसद में बोलने वाला कोई नहीं है 5 मिनट में बिल पास हो जाते हैं हाथ खड़ा कीजिए और बहुमत की वजह से बिल पास हो गया अभी 44 श्रम कानूनों को खत्म करने का वेज बोर्ड बिल पास हो गया वह भी बिना बहस के यह देश के मेहनतकश मजदूरों किसानों व गरीबों के प्रति अन्याय है अत्याचार है जिसका हम पुरजोर विरोध करते हैं।
यह है मांगे …… कोयला उद्योग में 7% एफडीआई का फैसला वापस लिया जाए, कोयला उद्योग को बेचकर 40 हजार करोड रुपए जमा करने का फैसला वापस लिया जाए , 9.4.0 के तहत अपाहिज व अपंग कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी दो, ठेका में लगे मजदूरों को एच पी सी वेज का भुगतान किया जावे, कोयला उद्योग में मजदूरों की सीधी भर्ती प्रारंभ की जावे, नई खदान खोली जावे तथा स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार दिया जावे, खान दुर्घटना में मारे गए नियमित या ठेका श्रमिकों को 7 नवंबर 2019 से कोयला मंत्री द्वारा घोषित 15 लाख रुपयों का एक्स ग्रेशिया का भुगतान किया जावे, इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय मांगों के तहत सार्वजनिक क्षेत्रों के उपक्रमों का विनिवेश एवं रणनीतिक बिक्री बंद हो और लोकहित में महत्वपूर्ण सार्वजनिक क्षेत्रों के पुनर परिचालन के लिए पैकेज दिया जावे, रेलवे, बीमा ,बैंक, रक्षा, बंदरगाह, कोयला उद्योग आदि के निजीकरण के फैसले को रद्द किया जावे, मोटर व्हीकल संशोधन बिल 2018 तथा बिजली संशोधन बिल 2017 वापस लिया जावे ,श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी और मालिक पक्षीय संशोधन एवं संहिता करण बंद किया जावे ,एनपीएस समाप्त कर पुराना पेंशन स्कीम फिर से बहाल किया जावे स्वामीनाथन आयोग की अनुशंसा के अनुसार किसानों के उत्पादन का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाए तथा जन उगाही प्रणाली मजबूत की जावे ,श्रम सघनता को बढ़ावा देने वाले प्रतिष्ठानों को प्रोत्साहित देने वाली नीतियों के द्वारा बेरोजगारी पर नियंत्रण. रोजगार सृजन करने वाले प्रतिष्ठानों से जुड़े निवेशकों को वित्तीय सहायता छूट आदि से रोजगार श्रजन को बढ़ावा दिया जाए, आसमान छूती महंगाई पर नियंत्रण हेतु तत्काल ठोस कार्यवाही हो।

