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नालंदा परिसर की नीव भाजपा के भ्रष्टाचार से बनी, बिना नक्शे के हुए इस अवैधानिक निर्माण की जांच कर दोषियों पर कार्यवाही हो – संजीव 

रायपुर में एनआईटी के पास आयुर्वेदिक कॉलेज के सामने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 6 एकड़ भूमि पर डीएमएफ फंड के 16 करोड़ रुपयों की लागत से शैक्षणिक संस्थान “नालंदा परिसर” बनाया गया है। जिसका उद्घाटन स्वयं तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह द्वारा किया गया था। जहां की पूरी जवाबदारी तत्कालीन रायपुर कलेक्टर ओ पी चौधरी की थी। 6 एकड़ भूमि पर बने नालंदा परिसर की नीव भी भाजपा के भ्रष्टाचार से बनी है। बिना नक्शे के हुए इस अवैधानिक निर्माण की जांच कर दोषियों पर कार्यवाही करने कांग्रेसी नेेता संजीव अग्रवाल ने शिव डहरिया नगरीय निकाय मंत्री छत्तीसगढ़ शासन को पत्र  लिखा है।

कांग्रेसी नेेता संजीव अग्रवाल ने बताया कि Rti से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस निर्माण के कोई नक्शा ही पास नही किया गया है। बिना नक्शे के पास कराए करोड़ो के इस भवन का निर्माण अवैधानिक रूप से कर दिया गया है। इस परिसर के निर्माण की सम्पूर्ण जानकारी आरटीआई के तहत जब रायपुर नगर निगम से मांगी गयी तब उसके जवाब में रायपुर नगर निगम ने कहा कि चुंकि यह परिसर स्मार्ट सिटी के अंतर्गत आता है इसलिए इसकी जानकारी स्मार्ट सिटी के कार्यालय से ही मिलेगी। लेकिन जब स्मार्ट सिटी कार्यालय की ओर से जानकारी आई तो वो चौंकाने वाली थी। क्योंकि उनके मुताबिक इस बिल्डिंग का नक्शा तो नगर निगम से पास कराया ही नहीं गया था और तो और तत्कालीन रायपुर कलेक्टर ओ पी चौधरी जो उस समय युवाओं के प्रेरणा स्रोत हुआ करते थे और आज इस्तीफ़ा देकर भाजपा नेता बने हुए हैं, उनकी जानकारी में भी ये बात थी, यह पूरा खेल उन्हीं के इशारे पर हुआ था और वह भी इस भ्रष्टाचार में पूरी तरह से लिप्त हैं। यही नहीं इसी परिसर में कुछ दुकानों का भी निर्माण किया गया था। लेकिन मौजूदा समय में इन दुकानों पर मध्य प्रदेश के एक भूतपूर्व कलेक्टर के परिवार का कब्ज़ा है।

कांग्रेसी नेेता संजीव अग्रवाल ने इस प्रकरण की विस्तारपूर्ण जांच कर इस जांच में दोषी पाया जाने वाले व्यक्तियों के ऊपर कड़ी कार्यवाही की मांग की है।

 

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