00 मृतक के परिवार को इस दुःख की घड़ी में डॉक्टर विनय ने अपने स्वेक्षा नुदान से 15 हजार की दी सहायता राशि.मौके पर पहुच परिवार को विधायक ने दी सान्तवना
कोरिया / जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर में इलाज के अभाव में एक युवक की मौत हो गई। मृत युवक के परिजन ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। युवक की मौत की खबर मिलने पर स्थानीय विधायक श्रीमती अंबिका सिंहदेव ने जिला अस्पताल पहुंचकर हालात का जायजा लिया।

मिली जानकारी के अनुसार जिले के मनेंद्रगढ़ वार्ड क्रमांक 14 निवासी पवन कुंभकार की शुक्रवार की शाम अचानक तबीयत खराब हो गई। जिसे लेकर पवन के बड़े भाई संतोष घर के समीप ही स्थित खान नर्सिंग होम पहुंचे। जहां नर्सिंग होम के संचालक ने युवक का इलाज करने से इंकार कर दिया। जिसके बाद परिजन उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनेंद्रगढ़ पहुंचे। जहां युवक की हालत खराब होने पर डॉक्टर एसएन गुप्ता ने प्राथमिक इलाज कर उसे जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर रेफर कर दिया। लाकडाउन के बीच किसी तरह युवक के परिजन उसे लेकर रात्रि लगभग 10:00 बजे जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर पहुंचे। जहां उपस्थित मेडिकल स्टाफ ने उसे भर्ती कर लिया भर्ती किए जाने के बाद युवक को देखने के लिए मौके पर कोई डॉक्टर उपस्थित नहीं थे। जिला चिकित्सालय से ही मरीज के परिजन व मेडिकल स्टाफ डॉक्टर्स को फोन किया किंतु किसी ने कॉल रिसीव नहीं किया। रात्रि लगभग 11:00 बजे मरीज के भतीजे हर्ष कुमार ने अस्पताल अधीक्षक सिविल सह सिविल सर्जन डॉक्टर सुनील गुप्ता के शासकीय निवास पर जाकर उन्हें आवाज दी। किंतु वे काफी देर तक बाहर नहीं निकले हो हल्ला मचने पर डॉक्टर सुनील गुप्ता बाहर आये और उन्होंने पर्ची पर दवाई लिखकर गेट के बाहर से ही हर्ष को रवाना कर दिया। और सख्त हिदायत देते हुए कहा कि दोबारा रात में यह मत आना। इसी बीच अस्पताल में भर्ती युवक की हालत खराब होती चली गई और अंततः उसने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया।
इस संबंध में मृतक युवक पवन के बड़े भाई संतोष कुंभकार ने बताया कि रात्रि में भरतपुर सोनहत विधायक गुलाब कमरों का भी फोन बेहतर इलाज के लिए डॉक्टरों के पास आया था, किंतु किसी ने भी रिस्पांस नहीं दिया और ना ही उनके भाई का इलाज किया। संतोष कुम्भकार ने घटना से आहत होकर मामले की जांच व दोषियों पर कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। शनिवार की सुबह मनेंद्रगढ़ नगरपालिका के उपाध्यक्ष कृष्ण मुरारी तिवारी ने पूरे मामले की जानकारी बैकुंठपुर विधायक श्रीमती अंबिका सिंह देव को दी। जिसके बाद वे तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंची तथा पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने जब अस्पताल अधीक्षक सह सिविल सर्जन डॉक्टर सुनील गुप्ता को मौके पर तलब किया और पूछताछ की डॉक्टर सुनील गुप्ता ने अपनी लापरवाही छुपाते हुये अन्य डॉक्टर्स पर इसका दोष मढ़ दिया और बताया कि जिला चिकित्सालय में पदस्थ डॉक्टरों द्वारा उनका सहयोग नहीं किया जाता जिसके कारण आए दिन ऐसी स्थिति बन रही हैं। वे सभी को समझा कर थक गए हैं अब उनके सामने इस्तीफा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। जिसके बाद अंबिका सिंह देव ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए अस्पताल प्रबंधन को व्यवस्था में सुधार किए जाने के सख्त निर्देश दिए और कहा कि स्थानीय स्तर पर सहयोग के लिए वे तैयार हैं प्रदेश स्तर पर यदि उन्हें सहयोग चाहिए इस संबंध में लिखित में दें जिससे स्वास्थ्य मंत्री सहित विभागीय अमले से बात कर व्यवस्था में सुधार लाने ई दिशा में ठोस पहल करेंगी। मामले की विस्तृत जानकारी लेने के बाद उन्होंने आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कराकर मृतक के शव के साथ परिजन को मनेन्द्रगढ़ भिजवाने की व्यवस्था की। इस संबंध में जब मनेंद्रगढ़ विधायक डॉ विनय जायसवाल ने जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रामेश्वर शर्मा को जानकारी बाबत कॉल किया गया तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। वहीं मनेन्द्रगढ़ विधायक डॉक्टर विनय जायसवाल और नगरपालिका के उपाध्यक्ष कृष्ण मुरारी तिवारी ने पूरे घटनाक्रम से प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव को अवगत कराया, जिस पर उन्होंने जांच व कार्रवाई का भरोसा दिया है। विदित हो कि जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर में इलाज में लापरवाही किए जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। आए दिन लगातार इस तरह की घटनाएं हो रही इसके बावजूद व्यवस्था में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इस दिशा में प्रयासरत है लेकिन नतीजा आज भी सिफर है।विभागीय सूत्रों के मानें तो जिला चिकित्सालय में सिविल सर्जन व सीएमएचओ के अलग-अलग गुट बन गए है तथा डॉक्टर के बीच गुटबाजी हावी है। जिसका खामियाजा अक्सर मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।।


