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छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवा खाट पर हैं चूंकि गांव तक सडक़ नहीं हैं, फिर मरीज को खाट का सहारा, लाया गया 3 किमी पैदल खाट पर, आखिर कब तक होगा ऐसा ?

कोरिया / यू तो छत्तीसगढ़ सरकार और सरकारी तंत्र में बैठें प्रशासन के नुमाइंदे बड़े बड़े दावे करते नही थकते, पर हकीकत तो यही दिखाई पड़ता हैं कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य का बहुत ही बुरा हाल हैं या यूं कहें कि स्वास्थ्य सेवा खाट पर हैं चूंकि प्रदेश के कई अति पिछड़े क्षेत्रों के गांव तक पहुँचने के लिए सडक़ नहीं हैं और जब सड़के नही होगी, तब तक छत्तीसगढ़ के कोने कोने से ऐसी तस्वीरें आती रहेंगी।

खैर ताजा तस्वीरों की बात करें तो यह कोरिया जिले के मनेन्द्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र कटकोना की हैं जहां ग्राम नेवारी बेहरा के एक बुजुर्ग सुखराम पंडो की तबियत बिगड़ गयी, पंडो बाहुल्य इस गांव के लोगों ने सामाजिक कार्यकर्ता रामलाल साहू को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद बुजुर्ग को खाट पर लेटा कर लगभग 3 किमी चार ग्रामीणों ने उठा कर मुख्य मार्ग तक पहुंचाया। इधर आपको बता दे कि रामलाल ने सुबह 9 बजे एंबुलेंस को सूचना दी थी, जिसके बाद उसे मौके पर पहुंचने में 4 घंटे लग गए। हालांकि जब पैदल चलकर ग्रामीण मुख्य मार्ग तक पहुंचे तब तक एंबुलेंस पहुंच चुकी थी, जिसके पश्चात तत्काल उसे नजदीकी खडग़वां इलाके के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया। जहां उसका उपचार जारी है।

पहुंचविहीन गांव होने के कारण एक बार फिर पंडो जनजाति के बीमार बुजुर्ग को चार ग्रामीणों ने खटिया पर लेटाकर मुख्य सडक़ तक लाया गया हैं।

गौरतलब है कि एक माह पूर्व प्रसव के बाद महिला की तबियत बिगड़ी थी तो उसे इसी तरह खाट पर लाया गया था। मामला मीडिया की सुर्खियों में था और कलेक्टर मौके पर पहुंचे थे। जिसके बाद इस समस्या से निजात पाने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए थे।

बता दे कि मनेन्द्रगढ़ विधानसभा का ग्राम पंचायत कटकोना का नेवारी बेहरा आजादी के बाद से पहुंचविहीन है, यहां के ग्रामीणों के लिए सडक़ नहीं होने से उन्हें आने जाने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यदि कोई बीमार पड़ गया तो उसे इसी तरह खाट में रखकर कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है।

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