छत्तीसगढ़ में हुए एक भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा – संजीव अग्रवाल

रायपुर / आरटीआई कार्यकर्ता संजीव अग्रवाल ने मीडिया के माध्यम से एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि बस्तर के कोंडागांव जिले में NACOF (National Federation of Farmers’ Procurement, Processing and Retailing Cooperatives of India Ltd.) कोंडागांव जिला पंचायत के सीईओ के नाम से कूट रचित जाली वर्क आर्डर और कार्य गुणवत्ता प्रमाण पत्र जिसे की एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट कहा जाता है, बनाकर उसका दुरूपयोग दूसरे राज्यों और छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में पेश कर फर्जीवाड़ा किया गया। उक्त प्रकरण में जो जाली दस्तावेज़ उपयोग किए गए, वे दस्तावेज़ प्रिंट ऑफसेट, गईघाटा, नॉर्थ 24 परगानाज, कोलकाता, पश्चिम बंगाल को 17 दिसंबर 2019 को जिला पंचायत, कोंडागांव, छत्तीसगढ़ ने वेरिफिकेशन करवाने के बाद इसे पूर्ण रूप से फर्जी पाया। जिसके बाद संबंधित कंपनी को अपने पत्र क्रमांक 285, के ज़रिए सूचित करते हुए बताया कि National Federation of Farmers’ Procurement, Processing and Retailing Cooperatives of India Ltd. को इस कार्यालय से आपूर्ति करने हेतु कोई भी आदेश जारी किया गया था। उसके उपरांत उक्त प्रकरण में जिला पंचायत सीईओ, कोंडागांव को संज्ञेय अपराध की जानकारी होने के उपरांत भी, उनके खिलाफ़ कोई भी एफआईआर दर्ज करवाया गया। जबकि ऐसे संज्ञेय अपराध की जानकारी होने पर संबंधित अधिकारी द्वारा तत्काल अपराधिक मामला दर्ज करवाया जाना चाहिए था जो कि अधिकारियों की आपसी सांठगांठ के कारण उक्त प्रकरण में नहीं किया गया।

संजीव अग्रवाल ने बताया कि जब यह जानकारी उनके सूत्रों द्वारा उनके संज्ञान में आई तब उनके द्वारा 2-3-2020 को कोंडा गांव एसपी को उक्त प्रकरण में अपराध दर्ज करने हेतु लिखित शिकायत की गई थी लेकिन आज 6 माह से अधिक लगभग 200 दिन बीत जाने के बाद भी उक्त प्रकरण पर कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है और ना ही इस बाबत कोई सूचना प्राप्त हुई है। ज्ञात हो कि ऐसे भ्रष्टाचार के प्रकरणों में संविधान में उल्लेखित है कि संबंधित अधिकारी द्वारा त्वरित कार्रवाई करने का प्रावधान है और ऐसा ना करना अपराधी को एक तरफ से लाभ पहुंचाने की श्रेणी में आता है जो कि भ्रष्टाचार को प्रदर्शित करता है।

संजीव अग्रवाल ने संबंधित विभाग के अधिकारी, विभाग के सचिव, संबंधित विभाग के मंत्री और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मांग की है कि इस प्रकरण में त्वरित कार्यवाई करें और जो भी दोषी हो उन्होंने जल्द से जल्द उचित सजा दिलवाएँ।

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