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102 के फोन नही उठाने पर खाट में लाद कर महिला को ग्रामीणों ने नदी कराया पार….

पखांजुर / आजादी के 70 साल होने के वावजूद आज भी आम जनता मुलभुत सुविधा से वांछित है। जी हाँ मामला है कोयलीबेड़ा के पखांजुर तहसील अंतर्गत ग्राम कंदाड़ी पंचायत का जहाँ पे आज भी लोगों को मुलभुत सुविधा के लिए तरस रहे है। सरकार ने कितने भी दावा कर ले सब दावा अंदुरिणी क्षेत्र के लिए टाय टॉय फीस। हर क्षेत्रों में आम जानताओ के लिए भले ही अनेकों  योजना को लागू किए है पर शासन के कुछ विभागों में प्रशासन के लापरवाही दिखने को मिलती है । उनमे से स्वस्थ विभाग एक ऐसा विभाग है जो कि आम जनता हो या कोई बड़ी अधिकारी हो किसी भी ग्रामीण हो स्वास्थ विभाग का काम काज सबसे ढीला दिखाई देता हैं। जबकि स्वास्थ विभाग एक ऐसे विभाग है जो कि हर दुरस्त अंचल के लिए बरदान साबित होते है। राज्य में कोई भी पार्टी के सरकार बने चुनाव के समय सारे वादे कर जाते है पर चुनाव जीतने के बाद अंदुरिणी क्षेत्र के गांव कस्बे का कोई ध्यान नही देता।

आप को बता दे कि कंदारी गांव के एक महिला बनिता कचलामी कोटरी नदी के उस पार से आये है जिसको प्रसव पीड़ा के दौरान बांदे अस्पताल में लाना था पर 102 के लापरवाही के चलते गांव के लोगो द्वारा महिला को खटिया में लाद कर नदी के इस पार लाया गया 102 को 4 बार फ़ोन लगाने के बाद भी नही पहुचे। ग्रामीणों ने महिला को लेकर नदी के इस पार इन्तेजार के 2 घंटे बाद 102 पहुचा फिर महिला को बांदे अस्पताल तक पहुचाया गया। लोगो को इस प्रकार का सुविधा यदि दिया जायेगा तो 102,108 से क्या फायदा दिखावटी के लिए सरकार द्वारा इस प्रकार का सुविधा दिया जाना स्वास्थ विभाग पर सवाल खड़ा करता हैं। प्रसव पीड़ित महिला को आज इस 2 घन्टा इन्तेजार करते हुए कुछ हो जाता तो इस का जिम्मेदार कौन होता। बड़े बड़े वादा करने वाले स्वास्थ कर्मी जो कि आज इस महिला का जिम्मेदारी लेता या फिर आपना पल्ला झाड़ लेते।

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