कोरिया / कोरोना जैसे संकटकाल में समूचा विश्व त्रासदी से जूझ रहा है। राज्य सरकार से लेकर जिला प्रशासन तक संकट के दौर से उबरने का हर सम्भव प्रयाश कर रहा है। खासकर इस संकट के दौर पर सरकारी अमला दिन रात एक कर अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा है। खुद व खुद के परिवार की चिंता ना कर जन सेवा में लगे हैं।
एक ऐसा ही मिशाल सोनहत की राजस्व टीम ने पेश की है सोनहत एसडीएम प्रशान्त कुशवाहा के मार्गदर्शन व नायब तहसीलदार अंकिता पटेल के नेतृत्व में राजस्व टीम कोरोना जैसे संकट के दौर पर दिन रात एक कर जन सेवा का कार्य कर रहे हैं। कोरिया के सुदूर वनांचल क्षेत्र में लाकडॉउन अवधि में सोनहत राजस्व टीम स्वप्रेरणा से जनसेवा करते हुये आसपास के जरूरतमंद गरीब परिवारों को राशन का पैकेट उपलब्ध करवाने का कार्य कर रहे हैं ताकि आपदा काल मे लोगों के घर चूल्हे जल सके । लाकडॉउन के अवसर पर सबसे ज्यादा प्रभावित ग्रामीण व मजदूर वर्ग होता है वास्तव में ज्यादा दिन घरों में कैद रहने से परिवार के पालन पोषण में समस्या आती है । राजस्व अधिकारियों के निजी सोच से घर का चूल्हा जलना अपने आप मे मानवीय दृष्टिकोण से महानता है नही तो सरकारी निर्देशों तक का पालन करना ही रिवाज है।
अधिकारियों के हौसले बुलंद करने के लिये प्रेरित स्थानीय लोग भी जरूरतमंदों की जन सेवा का हिस्सा बन रहे हैं लोगों के घरों में चूल्हे जलाने में स्वतः हाँथ बंटा रहे हैं।
सोनहत राजस्व टीम कोरोना आपदा समय छोटे बच्चों के पोषण प्रोटीन व शिक्षा ब्यवस्था पर कार्य करने की तैयारी शुरू कर दी है ग्रामीण वनांचल क्षेत्र में गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को प्रोटीन पावडर दिया जा रहा है वही पर शिक्षा की बात करे तो 5 वर्ष से छोटे बच्चों को पढ़ने लिखने के लिये स्लेट ,वर्णमाला पहाड़ा ,पेंसिल ,पेन दिया जायेगा ताजा जानकारी के अनुसार लगभग 2700 बच्चों में बांटे जाने की योजना है।
सोनहत की युवा राजस्व टीम जन समाज सेवा के अलावा अपने कार्य क्षेत्र में कोरोना के गाइडलाइंस का पालन भी बखूबी करवा रहे हैं







