कोरिया / कोरोना महामारी से संक्रमण का पता लगाने के लिए कई तरह के टेस्ट के विकल्प मौजूद हैं लेकिन इस जांच में सर्वाधिक प्रयोग रैपिड एंटीजन टेस्ट और आरटी-पीसीआर टेस्ट का होता है। इन दो टेस्ट के जरिए व्यक्ति में संक्रमण के बारे में पता लगाया जाता है। सीएमएचओ डॉ रामेश्वर शर्मा ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि वायरोलाजी लैब की स्थापना के बाद से जिले में कोरोना जांच अब पहले से अधिक हो रहे है। पहले आरटी-पीसीआर जांच के लिए अम्बिकापुर भेजा जाता था जिससे रिपोर्ट आने में 5 दिन से 1 सप्ताह का समय लग जाता था, अब मात्र 1 दिन में ही रिपोर्ट मिल सकेगी जिससे जनता को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
उन्होने बताया कि ”लैब की कार्यप्रणाली व्यवस्थित रखने के लिए अतिरिक्त स्टाफ दिया गया है। जिले में कोरोना के लिए आरटी-पीसीआर, रैपिड एंटीजन टेस्ट, ट्रूनॉट के माध्यम से जांच किए जा रहे हैं। ट्रूनॉट, रैपिड एंटीजन टेस्ट, आरटी-पीसीआर के माध्यम से विगत 6 दिनो में रैपिड एंटीजन टेस्ट से 1216, ट्रूनॉट से 134, तथा आरटी-पीसीआर से 119 टेस्ट किए जा चुके हैं।“
एंटीजन किट से जांच में कमी के संबंध में जानकारी देते हुए डीपीएम रंजना पैंकरा ने बताया कि “जिला अस्पताल बैकुंठपुर में एंटीजन टेस्ट दिनांक 11-05-2021 को 330 व दिनांक 12-05-2021 को 170 जांच की गई है। इसके साथ ही आरटी-पीसीआर व ट्रू नाट जांच भी की जा रही है। दिनांक 13-05-2021 को एंटीजन किट नही होने के कारण टेस्ट प्रभावित हुए, जिसके लिए आरटी-पीसीआर व ट्रू नाट जांच की संख्या बढ़ाई गई। 13 मई को 118 आरटी-पीसीआर जाँच व 25 सैंपल की ट्रू नॉट जांच की गई है जोकि बाकी दिनों की अपेक्षा ज्यादा है। गौरतलब है कि एंटीजन किट के माध्यम से आज से पुन जांच शुरू हो गई है।
जाने क्या है आरटी-पीसीआर टेस्ट
आरटी-पीसीआर टेस्ट का पूरा नाम रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलिमियर्स चेन रिएक्शन है। इसकी जांच प्रयोगशाला में की जाती है। इस टेस्ट के जरिए व्यक्ति के शरीर में वायरस का पता लगाया जाता है। इसमें वायरस के आरएनए की जांच की जाती है। ज्यादातर सैंपल नाक और गले से म्यूकोजा के अंदर वाली परत से स्वैब लिया जाता है।
क्या होता है रैपिड एंटीजन टेस्ट
बाहर से शरीर में दाखिल होने वाले बैक्टीरिया एंटीजन होते हैं। रैपिड एंटीजन टेस्ट के नतीजे 15 से 30 मिनट के भीतर आ जाते हैं। इस जांच में व्यक्ति की रिपोर्ट यदि निगेटिव आती है तो उसे फाइनल नहीं माना जाता। इस टेस्ट की आरटीपीसीआर जांच होती है। एंटीजन टेस्ट में व्यक्ति की रिपोर्ट यदि पॉजिटिव आती है तो उसे संक्रमित मान लिया जाता है। एंटीजन टेस्टिंग व्यक्ति के पास जाकर की जाती है। इस टेस्ट में व्यक्ति की नाक के दोनों तरफ से फ्लूइड का सैंपल लिया जाता है। स्ट्रिप पर एक रेड लाइन आने पर रिपोर्ट निगेटिव मानी जाती है। स्ट्रिप पर यदि दो रेड लाइन आती है तो व्यक्ति को संक्रमित माना जाता है।
यह लक्षण हों तो जरूर करायें जांच
जिन लोगों में कफ और कफ रहित बुखार, सिर दर्द, गला खराब होना, शरीर में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, स्वाद और सुगंध की शक्ति क्षीण हो, थकावट और डायरिया जैसे लक्षण हो तो उन्हे जांच कराना चाहिए।
