कोरिया / राज्य परियोजना समग्र शिक्षा विभाग रायपुर से मिले आदेश के तहत कोरिया जिले में “अंगना में शिक्षा” कार्यक्रम गोंडवाना भवन खाड़ा बैकुंठपुर में एक दिवसीय उन्मुखीकरण सह मेला का आयोजन किया गया है जिसमें विकास खंड शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर अरुण वर्मा की उपस्थिति में प्रत्येक प्राथमिक स्कूल से दो दो शिक्षक शिक्षिकाओं को प्रशिक्षण देने का कार्यक्रम सुनिश्चित किया गया था जिसमे प्रशिक्षण के लिए शासकीय प्राथमिक शाला महुआ पारा के छात्र छात्राओं को बुलाया गया। उस कार्यक्रम में उपस्थित बीईओ श्री वर्मा एवं अन्य अधिकारी गणों के जलपान एवं सेवा के लिए उपस्थित नौनिहालो से चमचमाती धूप में नंगे पैर पानी चाय नाश्ता वितरण कराएं जाने से अभिभावकों में काफी आक्रोश व्याप्त है।
बताया जाता है कि शासन द्वारा इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए काफी पैसा आवंटित किया गया है लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की भर्रा शाही के कारण इस योजना का बंटाधार हो ता दिख रहा है और अधिकारी पैसे बचाने की जुगत में सक्रिय हैं।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाने के लिए लगातार कई प्रयास कर रही है उसी के तहत इन दिनों पूरे प्रदेश में अंगना में शिक्षा नामक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है जिसमें जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा अपने अपने चिन्ह अंकित स्कूलों में पहुंचकर शिक्षकों और विद्यार्थियों को अत्याधुनिक शिक्षा पद्धति जानकारी दिया जाना है ताकि आने वाले समय में शिक्षक और विद्यार्थी बताए गए नियम वाली पर अमल कर बेहतर से बेहतर परिणाम दे सकें लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के अधिक आय अर्जित करने वाली मनसा ने पूरे शिक्षा विभाग को भ्रष्टाचारी बना डाला है जिसका जीता जागता उदाहरण आज गोंडवाना भवन खाड़ा बैकुंठपुर में देखने को मिला प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सभी अधिकारीयो के मौजूदगी में जिन छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण देने के लिए बुलाया गया था उनसे ही पूरे कार्यक्रम की दरी बिछाना झाड़ू लगवाना एवं अतिथियों के स्वागत के लिए चाय बनाना पानी नाश्ते की व्यवस्था स्वयं छात्र छात्राओं ने किया।
पूरे कार्यक्रम में एक भी सफाई कर्मचारी और भृत्य नहीं दिखे मजबूरन उनके कार्य को प्रशिक्षण लेने आए छात्र छात्राओं को कराए जाने से अभिभावकों में एवं ग्राम वासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
जिले के तेजतर्रार कलेक्टर साहब को इस मामले को संज्ञान में लेकर नियमों के विरुद्ध काम करने वाले अधिकारियों को उचित कार्रवाई किया जाना चाहिए।
