पैरो के छाले नियमिकरण की लड़ाई में हमारा आभूषण है- सूरज सिंह
नियमिकरण की मांग को लेकर दंतेवाड़ा से रायपुर तक 390 कि. मी. की पद यात्रा पर निकले है मनरेगाकर्मी
जगह जगह हो रहा स्वागत , राजनीतिक दलों व अन्य संगठनों का मिल रहा समर्थन
जगदलपुर / 12 अप्रैल को सैकड़ों की संख्या में मनरेगाकर्मी राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी के पदचिन्हों पर चलते हुए अपनी मांगों को मनवाने के लिए शांतिपूर्ण ढंग से रायपुर तक पदयात्रा अर्थात दांडी यात्रा पर है। सूरज सिंह ठाकुर के नेतृत्व में 15 अप्रैल की सुबह जगदलपुर से रायपुर की ओर रवाना हुई। कई पदयात्रियों के पैरों में पैदल चलने के कारण छाले भी पड़ गए है किंतु इनका हौसले पस्त नहीं हो रहे हैं। वही जुनून व जस्बे के साथ यह यात्रा रायपुर की तरफ तेजी से बढ़ने लगी है।
बस्तर ब्लाक का कुदाल गांव इन दांडी यात्रियों का अपने जनपद पंचायत बकावंड के सचिव संघ ने माला पहनाकर स्वागत किया। साथ ही बस्तर के मनरेगा में कार्य करने वाले कर्मचारियों व ग्रामीणों ने ग्लूकोस पानी और स्वल्पाहार कराकर इस दांडी यात्रा में शामिल हुए। ग्राम परचनपाल में भोजन कर यात्रियों ने यहां शेड व पेड़ के नीचे दोपहर का विश्राम किया। इस बीच छत्तीसगढ़ के पूर्व वन मंत्री श्री महेश गागड़ा परचनपाल पहुँचकर पदयात्रियों को अपना समर्थन दिया।

दांडी यात्रा का नेतृत्व कर रहे श्री सूरज सिंह ठाकुर ने कहा कि हमारे साथी जो बिलासपुर के मस्तूरी ब्लाक से आये है और दंतेवाड़ा से हमारे साथ चल रहे है। उनके पैरों में छाले पड़ गए है लेकिन ये छाले भी हमारे साथियों का हौसला नहीं तोड़ पा रहे है। नियमिकरण के इस यज्ञ में पैर के यह छाले किसी आभूषण से कम नहीं है।
शाम को दांडी यात्री परचपाल से नगर पंचायत बस्तर के लिए रवाना हो गई है, जहां ये रात्रि विश्राम करेंगे।
