असम में मूसलाधार बारिश और बाढ़ ने कहर बरपा रखा है। असम से 20 जिलों में करीब दो लाख लोग मूसलाधार बारिश और बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। वहीं करीब 222 से ज्यादा गांव बाढ़ में घिर गए हैं। साथ ही काफी मात्रा में गांवों में लैंडस्लाइड भी हुआ हैं। अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है। कछार जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है। 33 हजार लागों को सुरक्षित कैंप में पहुंचाया गया है।
असम में बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है। बराक घाटी और दीमा हसाओ जिले समेत पड़ोसी राज्यों के कुछ इलाकों से सड़क और रेल संपर्क मंगलवार को टूटा रहा। असम और मेघायल में कई जगह सड़क और रेल पटरी बह गई। बाढ़ की चपेट में आने से 20 जिलों के करीब दो लाख लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं 11 लोगों की मौत हुई है। इधर नदियों का जल स्तर भी बढ़ रहा है।
बड़े पैमाने पर भूस्खलन और जलभराव के कारण प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में रेलवे ट्रैक, पुलों और सड़क को भारी नुकसान हुआ है। जिस कारण असम, अरुणाचल प्रदेश और मेघायल के कई इलाकों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। असम के जिलों में करीब दो लाख लोग प्रदेश के बाकी हिस्सों से कटे गए हैं। इन इलाकों में संचार माध्यम बंद कर दिए गए हैं। गृहमंत्री अमित शाह ने असम के मुख्यमंत्री से बाढ़ की स्थिति पर चर्चा की और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
राज्य में बाढ़ से 811 गांव प्रभावित हैं। 1277 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त और 5262 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। घरों में पानी घुस जाने के कारण कई लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा। उन्होंने स्कूलों और ऊंचे इलाकों में शरण ली है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक भारी से भारी बारिश का अनुमान लगाया है। साथ ही बुधवार के लिए असम में रेड अलर्ट जारी किया है। इधर प्राकृतिक आपदाओं से हो रहे नुकसान को देखते हुए असम उच्चतर माध्यमिक शिक्षा परिषद ने अगले आदेश तक HS प्रथम वर्ष की परीक्षा स्थगित कर दी है। दीमा हसाओ जिले में अगले आदेश तक सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं।
