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गोदावरी में बाढ़ आने से जीवन हुआ अस्त व्यस्त, दोनों राष्ट्रीय दल राजनीति करने में मस्त – अमित जोगी

बीजापुर बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा दें भूपेश सरकार – अमित जोगी

बैराज निर्माण नहीं होने का खामियाजा भगत रही बीजापुर की जनता – अमित जोगी

बाढ़ राहत के नाम फ़ोटो बाजी की राजनीति से आक्रोशित है बाढ़ ग्रस्त जनता – JCCJ

रायपुर/बस्तर / छत्तीसगढ़ की एकमात्र मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय राजनीतिक दल जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे)के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने कहा एक तरफ तो भोपालपटनम तहसील के गोदावरी तट क्षेत्र में पिछले दिनों आई बाढ़ से वहां का जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। वही दूसरी तरफ दोनों राष्ट्रीय दल राहत के नाम पर राजनीति करने में व्यस्त है । करीब आधा दर्जन से भी ज्यादा गांव डुबान में आ गए पर शासन प्रशासन गम्भीर नही है। प्रभावित गांव के ग्रामीणों की पीड़ा पर राजनीति करने सत्ताधारी पार्टी के विधायक प्रशासकीय अमले के साथ बाढ़ ग्रस्त इलाके में पहुंच कर उन्हें प्लास्टिक शीट दिलवाया था परन्तु जिन इलाके में राहत सामग्री के साथ जो प्लास्टिक शीट ग्रामीणों को दी गई थी उसे भी शाम को ही फॉरेस्ट के अफसरों के माध्यम से छीना गया जो कि पीड़ितों के साथ मजबूरी का मजाक है। अभी बाढ़ का पानी उतारा हुआ जरूर है पर वापस गांव में बसाहट खुद को बाढ़ में डुबाने के समान है।

अमित जोगी ने कहा गोदावरी नदी पर तुपाकलागुडेम पर अधिक ऊंचाई की बनी बैराज इलाके के डुबान का कारण बताया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य में भाजपा और कांग्रेस दोनों की सत्ता इस बैराज निर्माण को लेकर मौन रहे हैं। बीजापुर के प्रभारी मंत्री इससे आई बाढ़ को मीडिया की उपज बता कर जवाबदेही से पल्ला झाड़ रहे हैं। कांडला, अतुकपल्ली, रामपेठा, तारलागुड़ा और चंदूर के वास्तविक पीड़ितों से टीम ए और टीम बी के राजनेता मिलने से बचते रहे हैं।तारलागुड़ा रोड पर अस्थाई आवास बनाने वाले ग्रामीणों को वन अधिकारियों द्वारा बारिश में प्लास्टिक शीट छीने जाने का कारण उन्हें बसने से रोकना नहीं बल्कि भाजपा और कांग्रेस के नेताओ द्वारा इस सड़क के आजू बाजू सैकड़ों हेक्टेयर वन भूमि पर अवैध कब्जे को संरक्षण देना है। जेसीसीजे सरकार से मांग करती है की बाढ़ पीड़ितों को सड़क के किनारे उनके अस्थाई निवास को न तोड़े, जिन अधिकारियों ने उनसे प्लास्टिक शीट छीने हैं उन्हें वापस करे। मकान, अनाज, वनोपज, मवेशी नुकसान का मुआवजा दे।

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