Wednesday, February 8, 2023
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देव दीपावली – इस दिन दीपदान करने का महत्व और क्या हैं शुभ मुहूर्त…

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सनातन परंपरा में दीपावली पर्व का आखिर कितना महत्व है, इसे इस तरह से समझा जा सकता है कि कार्तिक मास की अमावस्या पर आम लोगोंं के द्वारा इसे मनाए जाने के ठीक 15 दिन बाद देवतागण भी बड़ी धूम-धाम से दिवाली मनाते हैं. मान्यता है कि देव दीपावली पर्व को मनाने के लिए सभी देवी-देवता पृथ्वी पर उतर कर आते हैं. प्राचीन नगरी काशी में इन देवी-देवताओं के स्वागत में लोग लाखों की संख्या में दीये जलाकर यह पर्व मनाते हैं.

आइए जानते हैं कि देव दीपावली का पावन पर्व इस साल कब मनाया जाएगा और इस दिन किए जाने वाले दीपदान का आखिर क्या महत्व है.

देव दीपावली पूजा का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार देव दीपावली का पावन पर्व इस साल 07 नवंबर 2022 को मनाया जाएगा. इस साल कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि 07 नवंबर 2022 को सायंकाल 04:15 बजे प्रारंभ होकर 08 नवंबर 2022 को मनाया जाएगा. देव दीपावली के दिन देवी-देवताओं के लिए किए जाने वाले विशेष दीपदान एवं पूजा का शुभ मुहूर्त सायंकाल 05:14 से लेकर 07:49 बजे तक रहेगा.

देव दीपावली : 07 नवंबर 2022, सोमवार

देव दीपावली पूजा का शुभ मुहूर्त : सायंकाल 05:14 से 07:49 बजे तक

देव दीपावली का धार्मिक महत्व

कार्तिक मास की पूर्णिमा के दिन मनाए जाने वाले देव दीपावली पर्व के बारे में पौराणिक मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नाम के राक्षस का वध किया था. जिसके बाद सभी देवी-देवताओं ने त्रिपुरासुर पर मिली विजय की खुशी में दीप जलाकर अपनी प्रसन्नता को प्रकट किया था. धार्मिक मान्यता यह भी है कि इसी दिन भगवान विष्णु ने सृष्टि का पालन करने के लिए मत्स्य रूप धारण किया था. मान्यता यह भी है कि भगवान श्री विष्णु के चिरनिद्रा से जागने पर देवी-देवता धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा भगवान श्री विष्णु के साथ करते हैं. देव दीपावली के दिन भगवान शालिग्राम और तुलसी जी की पूजा का भी विशेष महत्व है.

काशी में तब उतर आता है पूरा देवलोक

देव दीपावली का पावन पर्व काशी में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन गंगा नदी के किनारे घाटों पर लाखों की संख्या में दीये जलाकर देवी-देवताओं का स्वागत एवं पूजन किया जाता है. देव दीपावली वाले दिन जिस समय वाराणसी में गंगा के घाटों पर दीपदान होता है, उसे देखकर मानों ऐसा लगता है कि पूरा देवलोक पृथ्वी पर उतर आया हो. इस अलौकिक दृश्य को देखने के लिए लोग यहां पर देश-विदेश से पहुंचते हैं.

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