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वैश्विक आउटेज से दुनिया में उथल-पुथल, बाजारों में दिखा असर, क्राउडस्ट्राइक के शेयर पिटे….

नई दिल्ली। तकनीकी खराबी से दुनिया भर के कारोबार प्रभावित हुए। क्राउडस्ट्राइक कंपनियों को अपनी सुरक्षा का प्रबंधन करने में मदद करने के लिए सॉफ्टवेयर बनाती है। इसके शेयर शुक्रवार को 14% से ज्यादा की गिरावट के साथ खुले और लगभग 11% नीचे बंद हुए।

साइबर सुरक्षा फर्म क्राउडस्ट्राइक के शेयर शुक्रवार को को बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए। यह गिरावट एक अपडेट के कारण वैश्विक स्तर पर हुए ऑनलाइन आउटेज के बाद दर्ज की गई। इस तकनीकी खराबनी से दुनिया भर के कारोबार प्रभावित हुए। क्राउडस्ट्राइक कंपनियों को अपनी सुरक्षा का प्रबंधन करने में मदद करने के लिए सॉफ्टवेयर बनाती है। इसके शेयर शुक्रवार को 14% से ज्यादा की गिरावट के साथ खुले और लगभग 11% नीचे बंद हुए।

इससे पहले के कुछ कारोबारी सत्रों में भी कंपनी के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार की प्री ओपनिंग में कंपनी के शेयर 19% तक तक पिटते दिखे थे। पिछले पांच दिनों में कंपनी के शेयर 17.92% तक टूट चुके हैं। हालांकि, बीते 12 महीनों की बात करें तो क्राउडस्ट्राइक के शेयरों में जबरदस्त मजबूती दिखी है। कंपनी के शेयर बीते एक वर्ष में 118% तक उछले हैं।

शुक्रवार को वैश्विक स्तर पर आउटेज के बाद क्राउडस्ट्राइक के सीईओ जॉर्ज कुर्तज़ ने कहा था कि यह दिक्कत “विंडोज होस्ट के लिए एक अपडेट में हुई गड़बड़ी’ के कारण आई। उन्होंने साफ किया था कि यह एक साइबर हमला नहीं था और इसकी पहचान कर इसे ठीक कर लिया गया। क्राउडस्ट्राइक के साथ माइक्रोसॉफ्ट की अजूर क्लाउड सेवाएं और माइक्रोसॉफ्ट 365 सूट के ऐप्स भी प्रभावित हुए थे। जिसके बाद माइ्रक्रोसॉफ्ट के शेयर अमेरिकी शेयर बाजार में 0.76% की गिरावट के साथ बंद हुए।

माइक्रोसॉफ्ट सर्वर डाउन होने से थमी दुनिया की रफ्तार
शुक्रवार को क्राउटस्ट्राइक और माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर में तकनीकी खराबी के बाद दुनिया की रफ्तार पर अचानक थम गई थी। ये आईटी क्रैश हाल के वर्षों में सबसे बड़ा आईटी संकट बन गया। जानकार इसे डिजिटल दुनिया की महामारी भी करार दे रहे है। माइक्रोसॉफ्ट सर्वर के डाउन होने से दुनियाभर में एयरलाइंस, बैंक, टीवी चैनल्स और वित्तीय संस्थानों पर असर पड़ा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस आईटी संकट के चलते दुनिया भर में करीब 3 प्रतिशत यानी कि 4295 फ्लाइट कैंसिल हुईं। इनमें से 1100 फ्लाइट्स तो अकेले अमेरिका में रद्द हुईं। वहीं 1700 से ज्यादा फ्लाइट्स की उड़ान में देरी हुई। इसके चलते दुनियाभर के एयरपोर्ट्स पर भारी भीड़ देखी गई और कई जगह यात्रियों ने हंगामा भी किया। माइक्रोसॉफ्ट सर्वर के डाउन होने से दुनियाभर में माइक्रोसॉफ्ट के ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलने वाले 95 प्रतिशत कंप्यूटर और लैपटॉप ठप पड़ गए।

माइक्रोसॉफ्ट ने भी शुक्रवार को कहा कि उसकी ज्यादातर क्लाउड सेवाओं को रिस्टोर कर दिया गया है। अब तक यह साफ नहीं है कि यह आउटेज क्राउडस्ट्राइक के अपडेट से संबंधित है या नहीं। शु्क्रवार को वैश्विक स्तर पर पहुए आउटेज ने साफ कर दिया है कि एक सिंगल प्वाइंट ग्लोबल आउटेज सप्लाई चेन को कितनी गंभीरता से प्रभावित कर सकता है और वैश्विक स्तर पर उथल-पुथल का कारण बन सकता है।

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