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प्रदेश कांग्रेस ने 18 नेताओं का निष्कासन रद्द किया, बृहस्पति सिंह और आनंद कुकरेजा की वापसी नहीं

रायपुर, 11 फरवरी 2025 – छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने संगठनात्मक निर्णय लेते हुए पूर्व पार्षद अजीत कुकरेजा समेत 18 कांग्रेस नेताओं का निष्कासन रद्द कर दिया है। हालांकि, पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह और आनंद कुकरेजा की अब तक कांग्रेस में वापसी नहीं हो पाई है।

गौरतलब है कि अजीत कुकरेजा ने पार्टी से बगावत कर विधानसभा चुनाव लड़ा था, जिसके बाद कांग्रेस ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। अजीत के साथ ही उनके पिता आनंद कुकरेजा पर भी पार्टी ने कार्रवाई की थी, लेकिन इस फैसले में सिर्फ अजीत की वापसी हुई है, जबकि आनंद कुकरेजा को अब भी इंतजार करना होगा।

इन नेताओं की हुई कांग्रेस में वापसी

प्रदेश कांग्रेस द्वारा जारी आदेश में इन 18 नेताओं का निष्कासन रद्द किया गया है, जिन्हें विभिन्न जिलों में संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी भी दी गई है:

  1. अजीत कुकरेजा (रायपुर)
  2. सागर दुबे (बिलासपुर)
  3. दिवाकर साहू (महासमुंद)
  4. राजेश गुप्ता (कांकेर)
  5. गजेंद्र साहू (बस्तर)
  6. रंजना नाग (सरगुजा)
  7. चोमन मंडावी (दंतेवाड़ा)
  8. मनोज मानिकपुरी (बालोद)
  9. नन्दकिशोर सुंदरानी (दुर्ग)
  10. तुकाराम साहू (कवर्धा)
  11. हेमलाल साहू (कोरबा)
  12. सूर्यकांत साहू (जांजगीर-चांपा)
  13. तुलसेराम साहू (गरियाबंद)
  14. सोहन साहू (धमतरी)
  15. रामेश्वर निषाद (बलौदाबाजार)
  16. संयोगिता निषाद (राजनांदगांव)
  17. प्रतापचंद साहू (महासमुंद)
  18. रमेश राम साहू (रायगढ़)

फिलहाल बृहस्पति सिंह और आनंद कुकरेजा की राह मुश्किल

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस संगठन ने जिन नेताओं की वापसी की है, वे सभी पार्टी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने के इच्छुक थे और उन्होंने शीर्ष नेतृत्व से अपनी पुनर्वापसी के लिए आग्रह भी किया था। हालांकि, पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह और आनंद कुकरेजा का नाम इस सूची में नहीं है। इसका मतलब है कि इन दोनों नेताओं की वापसी को लेकर पार्टी फिलहाल कोई निर्णय लेने के मूड में नहीं है।

तत्काल प्रभाव से लागू होगा आदेश

यह आदेश अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी पवन खेड़ा की अनुशंसा पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी किया गया है। इस आदेश पर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महासचिव (संगठन एवं प्रशासन) मुखेश सिंह के हस्ताक्षर हैं।

प्रदेश कांग्रेस ने इन नेताओं को दोबारा संगठन से जोड़कर जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूती देने की जिम्मेदारी दी है। निष्कासन रद्द होने के बाद इन नेताओं के समर्थकों में भी उत्साह का माहौल है।

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