Advertisement Carousel

तीन इनामी नक्सलियों का आत्मसमर्पण, सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ जारी अभियान को एक और बड़ी सफलता मिली है। गरियाबंद जिले में आज तीन कुख्यात नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में एसडीके एरिया कमेटी के डिप्टी कमांडर दिलीप उर्फ संतु, और दो महिला नक्सली मंजुला उर्फ लखमी एवं सुनीता उर्फ जूमकी शामिल हैं।

ये तीनों नक्सली लंबे समय से सक्रिय थे और भालूडिग्गी क्षेत्र में सुरक्षा बलों के खिलाफ हिंसक वारदातों को अंजाम दे रहे थे। इन पर सरकार द्वारा 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

ऑटोमैटिक हथियारों के साथ आत्मसमर्पण
तीनों नक्सलियों ने अपने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इनके पास से एके-47 सहित कई आधुनिक हथियार बरामद किए गए हैं। इस आत्मसमर्पण को सुरक्षा बलों के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

जनवरी में हुई थी बड़ी मुठभेड़
बताया जा रहा है कि जनवरी में गरियाबंद के भालूडिग्गी क्षेत्र में तीन दिनों तक चली मुठभेड़ में 16 नक्सली मारे गए थे। इस घटना के बाद से ही नक्सली संगठन कमजोर पड़ा है, और आत्मसमर्पण करने वालों की संख्या बढ़ रही है।

आईजी अमरेश मिश्रा ने की पुष्टि
इस बड़ी सफलता की पुष्टि आईजी अमरेश मिश्रा ने की है। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में पुलिस और अर्धसैनिक बल लगातार अभियान चला रहे हैं, जिससे नक्सली संगठनों पर दबाव बढ़ा है।

नक्सलवाद मुक्त प्रदेश की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़
गृह मंत्री अमित शाह के नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ के विजन को लेकर सुरक्षा बल लगातार काम कर रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत लाभ दिए जाएंगे, ताकि वे मुख्यधारा में लौटकर एक नया जीवन शुरू कर सकें।

error: Content is protected !!