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कुम्हारी टोल प्लाजा: ‘अनंत वसूली’ का खेल जारी, वैधता खत्म, वसूली चालू! कैमरे पर कालिख पोत विकास ने दर्ज कराया विरोध


रायपुर।
राजधानी रायपुर और दुर्ग के बीच स्थित कुम्हारी टोल प्लाजा एक बार फिर सुर्खियों में है। वजह है—उसकी वैध समयसीमा समाप्त होने के बाद भी लगातार की जा रही टोल वसूली, जिसे अब कांग्रेस ने ‘अवैध वसूली’ करार दिया है।

पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने टोल प्लाजा के विरोध में न केवल पोस्टकार्ड और हस्ताक्षर अभियान चलाया, बल्कि टोल बूथ के कैमरे पर कालिख पोत कर अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि जब तक यह अवैध टोल बंद नहीं होगा, विरोध जारी रहेगा। उपाध्याय ने भाजपा के सभी 10 सांसदों को पत्र लिखकर टोल बंद कराने की मांग की है।

2015 में समाप्त होनी थी वसूली, 2025 में भी जारी!

कुम्हारी टोल प्लाजा की वसूली वैध रूप से 2 मार्च 2015 को समाप्त हो जानी थी। इसके बाद शासन ने एक अपवादस्वरूप इसे 2020 तक जारी रखने की अनुमति दी थी, वह भी 40% अतिरिक्त शुल्क के साथ। लेकिन अब 2025 में भी यह वसूली जारी है, जबकि कोई वैधता शेष नहीं बची है।

60 किमी के भीतर तीन टोल नाके, गडकरी खुद कह चुके हैं ‘अवैध’

रायपुर-दुर्ग-राजनांदगांव मार्ग पर 28 से 30 किलोमीटर की दूरी में तीन टोल प्लाजा मौजूद हैं—कुम्हारी, दुर्ग बायपास और ठाकुरटोला। वहीं रायपुर-महासमुंद मार्ग पर भी टोल प्लाजा की दूरी 26 किमी है। जबकि संसद में केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी स्पष्ट कर चुके हैं कि दो टोल नाके 60 किमी के भीतर नहीं हो सकते।

भाजपा सांसद भी मांग चुके हैं बंद करने की बात

भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल स्वयं भी कुम्हारी टोल प्लाजा को बंद करने की मांग कर चुके हैं और इसके लिए केन्द्रीय मंत्री को पत्र भी लिखा था। बावजूद इसके, न राज्य और न ही केंद्र की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय लिया गया है।

स्थानीय नागरिकों पर आर्थिक बोझ

स्थानीय व्यापारी, दैनिक यात्री और आम नागरिक इस वसूली से बेहद परेशान हैं। बढ़े हुए शुल्क के साथ यह टोल अब आर्थिक शोषण का माध्यम बन चुका है। कांग्रेस इसे जनविरोधी कदम बताते हुए सड़क पर उतर चुकी है, जबकि भाजपा इस मामले में चुप्पी साधे हुए है।

प्रशासनिक निष्क्रियता पर उठ रहे सवाल

वसूली की वैधता समाप्त होने के बावजूद इसकी निरंतरता प्रशासनिक लापरवाही की मिसाल बन चुकी है। सवाल यह है कि जब मंत्री, सांसद और नागरिक सभी विरोध में हैं, तब यह वसूली किसके आदेश पर जारी है?



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